– 5 हजार रूपये अर्थदंड , अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद
– जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी
सोनभद्र। विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर कोर्ट सोनभद्र अर्चना रानी की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में मंगलवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी सक्रिय गैंग सदस्य शेरू को 3 वर्ष की कठोर कैद एवं 5 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक प्रभारी निरीक्षक राम सुभग यादव ने बीजपुर थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि पुलिस बल के साथ देखभाल क्षेत्र में था तो पता चला कि अशर्फीलाल पुत्र राम प्रसाद भारती निवासी डोड़हर, थाना बीजपुर जिला का एक सक्रिय गैंग है, जिसका वह गैंग लीडर है। इसके अलावा उसके गांव का ही गैंग का सक्रिय सदस्य शेरू पुत्र सुरेश धारिकार के साथ अन्य सदस्य शामिल हैं। इनके विरुद्ध चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट समेत कई मुकदमा विचाराधीन है। लोगों में भय पैदा कर आर्थिक लाभ हेतु कार्य करना इनका एकमात्र कार्य है। यहीं वजह है कि इनके विरुद्ध कोई भी मुकदमा लिखवाने अथवा गवाही देने की जुर्रत नहीं करता है। जिसकी वजह से इनका वर्चस्व कायम है। इस तहरीर पर 13 जनवरी 2014 को बीजपुर थाने में गैंगस्टर एक्ट में एफआईआर दर्ज किया गया था। विवेचना के उपरांत पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में शेरू के विरूद्ध चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी शेरू को 3 वर्ष की कठोर कैद एवं 5 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता गैंगस्टर कोर्ट धनंजय शुक्ला ने बहस की।
Author: Pramod Gupta
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