– राखंड़ शिफ्टिंग से यात्रियों स्कूली बच्चों ग्रामीणों समेत लाखों लोग परेशान। जिम्मेदार मौन?
ओबरा/सोनभद्र (अर्जुन सिंह) तापीय परियोजना ओबरा जो उत्तर प्रदेश सरकार की रीढ़ है वही आदिवासी ग्रामीण परियोजना से निकलने वाले राखड़ की शिफ्टिंग से परेशान है। राखड़ का बेखौफ परिवहन पर्यावर्णीय सन्तुलन को काल के गाल में समाए जा रही है। जन जीवन त्रस्त है।
जिन प्रोजेक्ट को गांवों से जोड़ने के लिए माननीय समाज कल्याण मंत्री संजीव गौंड ने ग्रामीणों के बदहाली को देखते हुए तैयार कराया वही आज पदूषण से बेहाल होने लगा । ग्रामीण का आवागमन को देखा जाय तो प्रति दिन लाखो की संख्या सम्बन्धित मार्ग से गुजरती है। जिसमें राखंड़ के बेखौफ प्रदूषण से जन जीवन त्रस्त है।
ग्रामीणों की इन्ही समस्या ने लोकसभा चुनाव में बवाल मचा दिया जहां ग्रामीणों ने अपना मत देने से बहिष्कार किया। ऐसे ही रवैये आए ग्रामीण परेशान होकर वर्तमान सरकार को सरकार बनाने में नाको चने चबाने पड़ा। अगर ऐसी ही स्थिति रही तो ओ दिन दूर नही की सरकार का परिवर्तन जिम्मेदार अधिकरियों के कारण हो कर रहेगा। 
ग्रामीणों ने बताया कि इसपर सुधार नही किया गया तो कभी भी स्थिति बिगड़ सकती है। हम सभी इसी रास्ते से आते जाते है। प्रदूषण के कारण स्वांस , टीबी, जैसे हार्ड तक कि बीमारी सताने लगी है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है कि इए संज्ञान में लेकर जन जीवन को हो रही प्रदूषण से निजात दिलाने की कृपा करें।
Author: Pramod Gupta
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