सोनभद्र (घोरावल) जिले के घोरावल तहसील क्षेत्र के ग्राम ओबराडीह में अभिषेकात्मक रुद्रमहायज्ञ के पंचम दिवस व संगीतमय श्री राम कथा के चतुर्थ दिवस आचार्यों द्वारा नित्य की भांति पूजन व अभिषेक सम्पन्न किया गया। जिसमें बहुत संख्या में ग्रामीणों ने यज्ञ मण्डप की परिक्रमा किया ,तथा यज्ञ कार्य मे सम्मिलित हुए। सायं कालीन कथा सत्र में कथावाचिका बाल व्यास आराधना शास्त्री ने भगवान की बाल लीला का वर्णन किया । जिसके तहत कागभुशुण्डि व गरुण जी का संवाद सुनाया की जब जीव व ब्रह्म का साक्षात्कार होता है तो जीव को किस प्रकार के आनंद की प्राप्ति होती है। प्रभु श्रीराम जी की शिक्षा दीक्षा व विश्वामित्र जी के यज्ञ रक्षा हेतु असुरों के वध की कथा तथा प्रभु श्रीराम व लक्ष्मण जी का महाराज जनक जी की पुष्पवाटिका में माता जानकी जी से किस प्रकार भेंट हुई व धनुष भंग की कथा के बाद लक्ष्मण परशुराम संवाद के बाद विवाह की कथा सुनाई गई। कथा में प्रासंगिक भजनों का भक्तों ने बहुत आनंद लिया तथा झूमते रहे। यज्ञाचार्य निरजानंद शास्त्री ने बताया कि यज्ञ लोगों के प्रसन्नता व सुख संपत्ति के लिए किया जाता है और उसमें सहभागिता निभाने वालों का ईश्वर भार वहन करते हैं। कथा में संगीत पर सुनील पाठक , सर्वेश सिंह व राकेश क्रमशः ऑर्गन, नाल व पैड के माध्यम से सहयोग कर रहे हैं ।तथा मुख्य यजमान के रूप में सपत्नीक भगवान देव पाण्डेय के साथ अन्य ग्रामीण भक्तों की उत्तम उपस्थित रही। इस अवसर पर राजबली पाण्डेय हरिश्चंद्र पाण्डेय राजेश सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
Author: Pramod Gupta
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