शून्य खुराक वाले बच्चों की होगी पहचान, नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर जोर
सोनभद्र। जनपद में नियमित टीकाकरण को बढ़ावा देने और टीकाकरण से वंचित बच्चों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से सोमवार को ‘टीका मित्र एलईडी वैन’ और ई-रिक्शा जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश कुमार मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर दोनों वाहनों को रवाना किया। इस अभियान के माध्यम से परियोजना क्षेत्र के अंतर्गत चयनित 84 गांवों में लोगों को बच्चों के समय पर टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि यह अभियान जीएवीआई शून्य खुराक चरण-दो कार्यक्रम के तहत संचालित किया जा रहा है। इसका प्रमुख उद्देश्य उन बच्चों की पहचान करना है, जिन्हें नियमित टीकाकरण का लाभ नहीं मिल पाया है या जिन्हें अब तक एक भी टीका नहीं लगा है। ऐसे बच्चों को चिह्नित कर उन्हें टीकाकरण सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।एलईडी वैन और ई-रिक्शा के माध्यम से गांव-गांव पहुंचकर अभिभावकों को बच्चों के पूर्ण टीकाकरण का महत्व समझाया जाएगा। अभियान के दौरान टीकाकरण से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने के साथ ही लोगों को निर्धारित समय पर बच्चों को सभी आवश्यक टीके लगवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा टीकाकरण के लाभ से वंचित न रहे। इस अवसर पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. गिरिशारी लाल, नगरीय क्षेत्र के चिकित्सा अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेपी सिंह, जीएवीआई शून्य खुराक चरण-दो कार्यक्रम के जिला समन्वयक रोहित सिंह, खंड समन्वयक महेश प्रसाद, जेएसआई के जिला समन्वयक बेयलाल तथा जिला समन्वय समिति के नसीम उपस्थित रहे। यह पहल आईपिई सीकेडी द्वारा जीएवीआई शून्य खुराक चरण-दो कार्यक्रम के अंतर्गत यूनिसेफ के सहयोग से संचालित की जा रही है। अभियान से गांवों में टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ने और नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत होने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों का समय पर पूर्ण टीकाकरण कराएं और आसपास के परिवारों को भी इसके प्रति जागरूक करें, ताकि बच्चों को टीकाकरण से मिलने वाली सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
Author: Pramod Gupta
Hello









