– जमीन के सीमांकन के नाम पर 25 हजार रुपये मांगने का आरोप, रुपये लेते हुए वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने की कार्रवाई
सोनभद्र (दुद्धी) दुद्धी तहसील में तैनात लेखपाल विमलेश कुमार को सरकारी कार्यों में लापरवाही धन उगाही के आरोप तथा उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली के उल्लंघन के मामले में निलंबित कर दिया गया है। बभनी क्षेत्र में जमीन के सीमांकन के नाम पर 25 हजार रुपये मांगने और कथित तौर पर रुपये लेते हुए वीडियो वायरल होने के प्रकरण में हुई इस कार्रवाई को लेकर राजस्व विभाग में चर्चा तेज हो गई है। मामले में प्रशासन ने जांच के भी निर्देश दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता लक्ष्मी प्रसाद ने बभनी क्षेत्र में जमीन के सीमांकन के नाम पर कथित रूप से 25 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया था। शिकायत में कानूनगो राजनाथ और लेखपाल विमलेश कुमार का नाम सामने आया था। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में मुख्यमंत्री से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी। इसी प्रकरण को P9 भारत ने प्रमुखता से प्रकाशित कर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया था। खबर प्रकाशित होने और मामले के संज्ञान में आने के बाद प्रशासन ने लेखपाल विमलेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार जांच में सामने आने वाले तथ्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
P9 भारत की खबर के बाद कार्रवाई से बढ़ी जवाबदेही की उम्मीद
राजस्व विभाग से जुड़े इस मामले में जमीन के सीमांकन के नाम पर रुपये मांगने के आरोप ने सरकारी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। जमीन की पैमाइश और सीमांकन जैसे कार्यों के लिए राजस्व विभाग के कर्मचारियों से लोगों को नियमानुसार सेवा मिलने की अपेक्षा रहती है। ऐसे में यदि किसी कर्मचारी पर अवैध धन की मांग करने का आरोप लगता है, तो उसकी निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई जरूरी हो जाती है। लेखपाल के निलंबन के बाद अब निगाहें जांच की प्रगति और उसके निष्कर्षों पर टिकी हैं। शिकायत में नामजद अन्य कर्मचारी के संबंध में क्या तथ्य सामने आते हैं और उनकी भूमिका की जांच किस निष्कर्ष पर पहुंचती है, यह भी महत्वपूर्ण होगा। P9 भारत खबर का असर: इस प्रकरण में खबर प्रकाशित होने के बाद लेखपाल के निलंबन की कार्रवाई सामने आई है। अब जरूरत है कि जांच निष्पक्ष एवं समयबद्ध तरीके से पूरी हो, ताकि आरोपों की सच्चाई सामने आए और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। लेखपाल का निलंबन प्रशासनिक कार्रवाई है। रिश्वत मांगने के आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही होगी।
Author: Pramod Gupta
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