– पिपरी पुलिस की कार्रवाई, अब तक करीब 1.59 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क/जब्त
सोनभद्र। निवेशकों को भारी मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की धनराशि निवेश कराने और निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद रकम वापस नहीं करने के आरोप में घिरे भागीरथी मौर्य के खिलाफ सोनभद्र पुलिस ने एक बार फिर कार्रवाई की है। क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के निकट पर्यवेक्षण में थाना पिपरी पुलिस ने न्यायालय के आदेश के अनुपालन में शुक्रवार को आरोपी की करीब 28.10 लाख रुपये मूल्य की अचल संपत्ति कुर्क/जब्त की। इस कार्रवाई के बाद पुलिस के अनुसार, आरोपी की पूर्व में कुर्क/जब्त की गई संपत्ति को मिलाकर कुल अनुमानित मूल्य करीब 1.59 करोड़ रुपये हो गया है। थाना पिपरी में पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 54/2025 से संबंधित अभियुक्त भागीरथी मौर्य पुत्र रमापति मौर्य निवासी मुहकोचवा राजपुर थाना कोतवाली देहात जनपद मीरजापुर तथा हाल निवासी पद्मिनी होटल के पास रेनुकूट थाना पिपरी जनपद सोनभद्र की अपराध से अर्जित बताई गई अचल संपत्ति के विरुद्ध यह कार्रवाई की गई है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, माननीय न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सोनभद्र द्वारा 21 सितंबर 2026 को पारित आदेश के अनुपालन में 9 अक्टूबर 2026 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के अंतर्गत मौजा लोढ़ी, परगना बड़हर, तहसील रॉबर्ट्सगंज स्थित संपत्ति के विरुद्ध कार्रवाई की गई। कुर्क/जब्त की गई संपत्ति में आराजी संख्या 39 के अंतर्गत 190 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में निर्मित आरसीसी भवन और बोरवेल शामिल हैं। पुलिस ने इनकी अनुमानित कीमत 28,09,650 रुपये, यानी करीब 28.10 लाख रुपये बताई है। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में संबंधित अधिकारियों और पुलिस टीम की मौजूदगी में कार्रवाई पूरी की गई। इससे पहले 21 जुलाई 2026 को न्यायालय के आदेश के अनुपालन में अभियुक्त की करीब 1,31,25,276 रुपये मूल्य की अचल संपत्ति कुर्क/जब्त की गई थी। उस कार्रवाई में मुर्धवा स्थित आराजी संख्या 557ग की भूमि एवं मकान तथा मौजा कटौधी स्थित आराजी संख्या 97क की संपत्ति शामिल थी। पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, पूर्व की कार्रवाई में करीब 1.31 करोड़ रुपये और 9 अक्टूबर की कार्रवाई में करीब 28.10 लाख रुपये की संपत्ति शामिल है। इस प्रकार दोनों कार्रवाइयों में वर्णित संपत्तियों का कुल अनुमानित मूल्य 1,59,34,926 रुपये, यानी करीब 1.59 करोड़ रुपये बताया गया है। अभियुक्त भागीरथी मौर्य ने कथित तौर पर ‘सिटी म्युचुअल बैंक’ के नाम से कंपनी संचालित कर निवेशकों को अधिक लाभ और भारी मुनाफे का प्रलोभन दिया था। आरोप है कि इस लालच में निवेशकों से बड़ी धनराशि निवेश कराई गई, लेकिन निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद उनकी रकम वापस नहीं की गई। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस को कथित तौर पर यह जानकारी मिली कि आरोपी ने अपराध से अर्जित धनराशि से विभिन्न अचल संपत्तियां खरीदी थीं। इसके बाद संबंधित संपत्तियों को चिह्नित कर न्यायालय से कुर्की/जब्ती के आदेश प्राप्त किए गए। पुलिस का कहना है कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस द्वारा जारी विवरण के अनुसार, अभियुक्त के विरुद्ध सोनभद्र और मीरजापुर जनपदों के विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें थाना अनपरा में मुकदमा अपराध संख्या 149/2025, थाना पिपरी में मुकदमा अपराध संख्या 54/2025, थाना दुद्धी में मुकदमा अपराध संख्या 32/2026 तथा थाना रॉबर्ट्सगंज में मुकदमा अपराध संख्या 1132/2025 और 854/2025 शामिल हैं। इसके अलावा मीरजापुर जनपद के थाना कोतवाली देहात में मुकदमा अपराध संख्या 163/2024 भी दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ संबंधित प्रकरण में एससी/एसटी अधिनियम की धाराएं भी शामिल हैं। सभी मामलों की स्थिति और आरोपों का अंतिम निर्धारण संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के अधीन होगा। संपत्ति कुर्क/जब्त करने की कार्रवाई में उपजिलाधिकारी न्यायिक, दुद्धी मो. जफर, क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय, थाना पिपरी के थानाध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव और रेनुकूट चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक नवनीत चौरसिया सहित संबंधित पुलिसकर्मी मौजूद रहे। सोनभद्र पुलिस ने कहा है कि अपराध और अपराध से अर्जित बताई गई संपत्तियों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस की इस कार्रवाई को निवेश के नाम पर कथित धोखाधड़ी के मामलों में संपत्तियों को चिह्नित कर कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Author: Pramod Gupta
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