– गर्भपात कराए जाने की आशंका के बीच पुलिस की मौजूदगी में क्लीनिक सील, एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी
सोनभद्र। चोपन कस्बे में अवैध रूप से क्लीनिक संचालित किए जाने की शिकायतों पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शिकायतों के आधार पर मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को क्लीनिक के अंदर तीन बेड, अलग-अलग कमरे और सर्जिकल उपकरण मिले। क्लीनिक में कथित रूप से अवैध गर्भपात कराए जाने की आशंका भी जताई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस की मौजूदगी में क्लीनिक को सील कर दिया। विभाग अब मामले में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया में जुटा है।स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से कस्बे में अवैध रूप से चिकित्सा प्रतिष्ठान संचालित किए जाने के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। हालांकि, क्लीनिक में अवैध गर्भपात कराए जाने के आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। इसकी वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी गुलाब शंकर के मुताबिक संबंधित क्लीनिक को लेकर स्वास्थ्य विभाग को काफी दिनों से शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि एक अज्ञात महिला की ओर से क्लीनिक का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा वहां कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से गर्भपात कराए जाने की भी शिकायत सामने आई थी। स्वास्थ्य विभाग इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मामले पर नजर रख रहा था। बताया गया कि एसीएमओ गुलाब शंकर सर्जरी के सिलसिले में कहीं जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उन्हें संबंधित क्लीनिक खुला दिखाई दिया। इसके बाद वह मौके पर पहुंचे और वहां की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान क्लीनिक के भीतर एक महिला भर्ती मिली। महिला को सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चोपन भेजा गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुंचने पर क्लीनिक में मौजूद कर्मचारी मौके से चले गए। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान वहां एक स्कूटी भी मिली है। विभाग को उम्मीद है कि स्कूटी से संबंधित जानकारी के आधार पर क्लीनिक के संचालन से जुड़े लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। हालांकि, क्लीनिक में मिली महिला की चिकित्सकीय स्थिति और वहां भर्ती होने के कारणों को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। स्वास्थ्य विभाग अब क्लीनिक के संचालन, वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कराने की तैयारी कर रहा है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान क्लीनिक के भीतर व्यवस्थित तरीके से अलग-अलग कमरे बने हुए मिले। कमरों में तीन बेड लगे थे। इसके अलावा सर्जिकल उपकरण और चिकित्सा से संबंधित अन्य सामान भी मौके पर मिला। इन व्यवस्थाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक में संदिग्ध चिकित्सा गतिविधियां संचालित किए जाने की आशंका जताई। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी क्लीनिक या चिकित्सा प्रतिष्ठान का संचालन निर्धारित नियमों और आवश्यक अनुमति के अनुसार ही किया जाना चाहिए। यदि जांच में बिना वैध अनुमति चिकित्सा सेवाएं संचालित करने अथवा अन्य अनियमितताओं की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। क्लीनिक के खिलाफ कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद चोपन के कस्बा इंचार्ज मनोज सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने क्लीनिक को सील करने की कार्रवाई पूरी की। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोपन के अधीक्षक भी मौजूद रहे। एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी गुलाब शंकर ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। विभाग का उद्देश्य क्लीनिक के संचालन से जुड़े तथ्यों की जांच कराना और अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना है।एसीएमओ गुलाब शंकर ने बताया कि जिस मकान में संबंधित क्लीनिक संचालित हो रहा था, उसके मकान मालिक के खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सील किए गए प्रतिष्ठान को दोबारा खुलवाने के लिए संबंधित पक्ष को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। परिस्थितियों के अनुसार इसके लिए न्यायालय का रुख भी करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई इस कार्रवाई के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्लीनिक के वास्तविक संचालक कौन सामने आते हैं और वहां किस प्रकार की चिकित्सा गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध अस्पतालों, क्लीनिकों और पैथोलॉजी सेंटरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। शिकायत मिलने पर टीम भेजकर मौके की जांच की जाती है और अनियमितताएं पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि इससे पहले सिंदुरिया रोड पर एक क्लीनिक और दो पैथोलॉजी सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें सील किया गया था। हालांकि, बाद में निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रतिष्ठानों में से एक का ताला खुला पाया गया। इस मामले में भी संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। बिना आवश्यक अनुमति और निर्धारित मानकों के चिकित्सा सेवाएं संचालित किए जाने से मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। विशेषकर सर्जरी या गर्भपात जैसी संवेदनशील चिकित्सा प्रक्रियाओं में प्रशिक्षित चिकित्सक, उचित चिकित्सा सुविधाएं और निर्धारित मानकों का पालन बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद चोपन क्षेत्र में संचालित अन्य क्लीनिकों और चिकित्सा प्रतिष्ठानों की जांच का मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो गया है। विभाग का कहना है कि जहां से भी शिकायत मिलेगी, वहां जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल संबंधित क्लीनिक को सील कर दिया गया है और एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। क्लीनिक में अवैध गर्भपात कराए जाने की आशंका, संचालन से जुड़े लोगों की भूमिका और अन्य आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
Author: Pramod Gupta
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