– दो माह में हर हाल में सड़क का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण पूरा कराने के आदेश, लापरवाही पर अभियंताओं पर भी कार्रवाई
सोनभद्र। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने शनिवार को एमएमबीसीबी मार्ग किलोमीटर-39 से बनवासी सेवा आश्रम होते हुए छत्तीसगढ़ बॉर्डर तक निर्माणाधीन सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। करीब 14 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण पर 54.10 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत निर्धारित है। निरीक्षण के दौरान कार्य की प्रगति बेहद धीमी मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन सड़क के विभिन्न हिस्सों का मौके पर निरीक्षण करते हुए कार्य की प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता और मॉनिटरिंग व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अब तक कराए गए कार्य तथा शेष कार्य को पूरा करने की समय-सीमा के संबंध में जानकारी प्राप्त की। कार्य की धीमी गति पर उन्होंने स्पष्ट नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मॉनिटरिंग में शिथिलता पर अभियंताओं की जवाबदेही तय
सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की मॉनिटरिंग में शिथिलता बरते जाने पर जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड के सहायक अभियंता नवीन श्रीवास्तव एवं छोटेलाल को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए। वहीं कार्य की निगरानी में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरतने पर अवर अभियंता जितेंद्र तिवारी, श्रीकेश, राजेश शर्मा एवं संतोष कुमार सिंह के वेतन भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। यदि मौके पर कार्य की प्रगति निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है तो संबंधित अधिकारी समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
अधिशासी अभियंता को चेतावनी, ठेकेदार पर 20 लाख की पेनल्टी
निर्माण कार्य की धीमी प्रगति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सड़क निर्माण कार्य की निगरानी से जुड़े संबंधित सहायक अभियंताओं को भी चेतावनी जारी करने को कहा गया। कार्य में विलंब पर जिलाधिकारी ने संबंधित ठेकेदार पर 20 लाख रुपये की पेनल्टी लगाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा कराने के लिए कार्यदायी संस्था को आवश्यक संसाधन और श्रमबल लगाकर निर्माण कार्य में तेजी लानी होगी।
दो माह में हर हाल में पूरा हो सड़क निर्माण
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था एवं संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य दो माह के भीतर प्रत्येक दशा में पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि केवल काम की गति बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का भी कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और कार्य की प्रगति की लगातार समीक्षा की जाए। किसी भी स्तर पर कमी मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
लापरवाही पर होगी कठोर कार्रवाई
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि सड़क निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण से जुड़े कार्य मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। ऐसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, शिथिलता अथवा अनावश्यक विलंब को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कार्यदायी संस्था की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्माण एजेंसी को भी निर्देश दिया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा कराने के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सड़क निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप ही कार्य कराया जाए। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी दुद्धी अशोक कुमार, अधिशासी अभियंता एसके सिंह, अर्थ एवं संख्याधिकारी राजेश कुमार, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
Author: Pramod Gupta
Hello









