सोनभद्र (ओबरा) नगर पंचायत ओबरा क्षेत्र स्थित एक निजी DAV विद्यालय परिसर में नगर पंचायत द्वारा कथित रूप से सरकारी धनराशि से नाली एवं इंटरलॉकिंग निर्माण कराए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में वार्ड नंबर 11 निवासी कन्हैया लाल केशरी ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य पर रोक लगाने तथा अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।शिकायती पत्र के अनुसार, ओबरा नगर पंचायत क्षेत्र में संचालित निजी DAV विद्यालय के परिसर में नगर पंचायत की ओर से नाली और इंटरलॉकिंग का निर्माण कराया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि यदि निर्माण कार्य निजी विद्यालय परिसर में कराया जा रहा है तो इसमें नगर पंचायत की सरकारी धनराशि के उपयोग का आधार क्या है और क्या इसके लिए नियमानुसार स्वीकृति प्राप्त की गई है। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से मांग की है कि निर्माण कार्य से संबंधित स्वीकृति पत्र, प्रस्ताव, बजट, कार्यदायी संस्था, भुगतान संबंधी अभिलेख तथा कार्य की उपयोगिता की जांच कराई जाए। साथ ही मौके पर स्थलीय निरीक्षण कर यह भी स्पष्ट कराया जाए कि निर्माण कार्य वास्तव में किस उद्देश्य से कराया जा रहा है और इससे सार्वजनिक हित किस प्रकार जुड़ा हुआ है। शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि यदि निजी विद्यालय परिसर में नगर पंचायत की धनराशि से निर्माण कराया जा रहा है और इसके पीछे कोई वैधानिक स्वीकृति अथवा निर्धारित सार्वजनिक उपयोग का आधार नहीं है, तो यह सरकारी धन के उपयोग से जुड़ा गंभीर मामला हो सकता है। इसी को देखते हुए शिकायतकर्ता ने निर्माण कार्य की जांच पूरी होने तक उसे रुकवाने की मांग की है। कन्हैया लाल केशरी ने प्रशासन से निर्माण स्थल का निरीक्षण कराने के साथ ही संबंधित अभिलेखों की जांच कराने का अनुरोध किया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्माण कार्य किस मद से स्वीकृत हुआ, कितनी धनराशि स्वीकृत की गई और उसका उपयोग किन नियमों के तहत किया जा रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि सरकारी धनराशि के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होने से वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी और यदि नियमों के विपरीत सरकारी धन का इस्तेमाल हुआ है तो जिम्मेदारी भी तय की जा सकेगी। हालांकि, शिकायत पत्र में लगाए गए आरोप अभी शिकायतकर्ता के पक्ष से हैं। नगर पंचायत ओबरा अथवा DAV विद्यालय प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य किस स्वीकृति और प्रावधान के तहत कराया जा रहा है। फिलहाल जिलाधिकारी से शिकायत किए जाने के बाद मामले में प्रशासनिक जांच और कार्रवाई का इंतजार है।
Author: Pramod Gupta
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