सोनभद्र। जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को जनपद में वाटरशेड विकास घटक-प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) 2.0 के अंतर्गत परियोजना घोरावल एवं नगवां में ‘रिफॉर्म उत्सव’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, वाटरशेड विकास तथा कृषि से जुड़ी योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। भूमि संरक्षण अधिकारी सोनभद्र ने बताया कि ग्राम पंचायत सिरसाई, विकास खंड घोरावल तथा ग्राम पंचायत आमडीह, विकास खंड नगवां में आयोजित कार्यक्रमों में ग्रामीणों को वाटरशेड विकास के तहत संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान परियोजना क्षेत्रों में कराए गए परिणामपरक कार्यों और उनसे प्राप्त परिणामों को ग्रामीणों के समक्ष रखा गया। साथ ही किसानों को इन कार्यों से होने वाले प्रत्यक्ष एवं दीर्घकालिक लाभों के बारे में विस्तार से बताया गया।
जल संरक्षण को लेकर ग्रामीणों को किया जागरूक
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को जल संरक्षण एवं जल संचयन के महत्व से अवगत कराना रहा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि वर्षा जल का संरक्षण, भू-जल स्तर को बनाए रखना तथा उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन ग्रामीण क्षेत्रों के सतत विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। वाटरशेड विकास के माध्यम से जल एवं मृदा संरक्षण के साथ-साथ कृषि उत्पादकता में सुधार लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। भूमि संरक्षण इकाई, रॉबर्ट्सगंज की ओर से ग्रामीणों को वाटरशेड विकास योजना के अंतर्गत कराए जाने वाले विभिन्न कार्यों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत जल संरक्षण एवं मृदा संरक्षण से संबंधित कार्यों के माध्यम से कृषि क्षेत्र को लाभ पहुंचाने और ग्रामीणों की आजीविका को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
किसानों को योजनाओं का लाभ उठाने की अपील
कार्यक्रम के दौरान किसानों एवं ग्रामीणों को विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने योजनाओं के उद्देश्य, पात्रता तथा उनसे मिलने वाले संभावित लाभों के संबंध में ग्रामीणों को अवगत कराया। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे विभागीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठाएं और अपने गांव में जल संरक्षण की गतिविधियों को बढ़ावा देने में सक्रिय भागीदारी निभाएं। अधिकारियों ने कहा कि जल संरक्षण केवल विभागीय प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए ग्रामीणों की भागीदारी भी आवश्यक है। वर्षा जल को संरक्षित करने, जल के अनावश्यक दोहन को रोकने तथा उपलब्ध जल संसाधनों के उचित उपयोग के लिए सामुदायिक स्तर पर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।रिफॉर्म उत्सव में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे एवं ग्रामीणजन शामिल हुए। इसके अलावा संबंधित ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव तथा विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों के साथ संवाद करते हुए उनकी जिज्ञासाओं और स्थानीय स्तर पर जल संरक्षण से जुड़ी आवश्यकताओं पर भी चर्चा की गई। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे जल एवं मृदा संरक्षण को जनअभियान का रूप देने में सहयोग करें तथा वाटरशेड विकास कार्यक्रम के तहत संचालित योजनाओं और गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करें। अधिकारियों ने कहा कि जल का संरक्षण वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी आवश्यक है।कार्यक्रम के माध्यम से घोरावल एवं नगवां परियोजना क्षेत्रों में ग्रामीणों को वाटरशेड विकास की गतिविधियों से जोड़ने, जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
Author: Pramod Gupta
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