October 4, 2026 11:25 am

2 अक्टूबर को सोनभद्र में व्यापारियों ने मनाया ‘नो यूपीआई डे’, एमडीआर शुल्क के विरोध में ऑनलाइन भुगतान से बनाई दूरी

सोनभद्र। यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित 0.40 प्रतिशत एमडीआर (Merchant Discount Rate) शुल्क के विरोध में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर 2 अक्टूबर को ‘नो यूपीआई डे’ मनाया गया। इसके तहत सोनभद्र के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापारियों ने अपने-अपने प्रतिष्ठानों पर ‘नो यूपीआई’ के पोस्टर लगाकर ऑनलाइन भुगतान नहीं लिया और ग्राहकों से नकद भुगतान करने की अपील की। व्यापारियों ने इस सांकेतिक विरोध के माध्यम से यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर शुल्क लगाए जाने के प्रस्ताव पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा देने में देश के व्यापारी लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं। छोटे से लेकर बड़े कारोबार तक यूपीआई भुगतान आज रोजमर्रा के व्यापारिक लेनदेन का प्रमुख माध्यम बन चुका है। ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका है।व्यापारियों ने कहा कि यूपीआई जैसी डिजिटल भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा देने के बजाय उस पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से व्यापारिक वर्ग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उनका कहना है कि पहले से ही व्यापारी विभिन्न प्रकार के करों, शुल्कों और बढ़ती व्यावसायिक लागत के बीच कारोबार संचालित कर रहे हैं। ऐसे में नए शुल्क का प्रस्ताव व्यापारियों की परेशानियों को और बढ़ा सकता है। इस दौरान उप्र उद्योग व्यापार मंडल सोनभद्र के जिलाध्यक्ष राजेश गुप्ता ने आंदोलन में भागीदारी करने वाले जिले के सभी व्यापारियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि व्यापारियों ने एकजुट होकर ‘नो यूपीआई डे’ के माध्यम से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से जनहित और व्यापारिक हित को ध्यान में रखते हुए एमडीआर शुल्क वापस लेने की मांग की। राजेश गुप्ता ने कहा कि व्यापारी हमेशा देश की आर्थिक प्रगति में अपना योगदान बढ़-चढ़कर देते रहे हैं। व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करने और उन्हें राहत देने की आवश्यकता है, न कि उन पर नए-नए शुल्क और करों का बोझ डालने की। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि व्यापारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए प्रस्तावित एमडीआर शुल्क के संबंध में पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि आज का विरोध व्यापारियों की नाराजगी के साथ-साथ उनकी एकजुटता का भी संदेश है। जिले के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर ‘नो यूपीआई’ के पोस्टर लगाकर व्यापारियों ने अपना विरोध दर्ज कराया और दिनभर नकद भुगतान को प्राथमिकता दी। व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक एमडीआर शुल्क से जुड़े मुद्दे का समाधान नहीं होता, तब तक उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल केंद्रीय नेतृत्व के निर्णय के अनुसार आंदोलन को आगे बढ़ाता रहेगा। संगठन ने व्यापारी हितों से जुड़े मुद्दों पर सभी व्यापारियों से एकजुट रहने का आह्वान किया।व्यापारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यवस्था का विरोध करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था की मांग करना है जिससे व्यापारी, ग्राहक और डिजिटल भुगतान प्रणाली—तीनों के हितों का संतुलन बना रहे। ‘नो यूपीआई डे’ के माध्यम से व्यापारियों ने सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करते हुए एमडीआर शुल्क पर पुनर्विचार की मांग की।

Pramod Gupta
Author: Pramod Gupta

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