सोनभद्र। बीजपुर (विनोद गुप्त) रेणुकूट-बीजपुर मुख्य मार्ग पर सेवकाडाड़ के बघोंलन मोड़ के समीप शुक्रवार को डायवर्जन में भारी वाहन धंस जाने से घंटों आवागमन बाधित रहा। ट्रक के फंस जाने के कारण मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। यात्री बसों और चार पहिया वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से निकाला गया, जबकि दोपहिया वाहनों का आवागमन मुख्य मार्ग से जारी रहा। बताया गया कि सेवकाडाड़-बघोंलन मोड़ के समीप पिछले करीब तीन-चार माह से धंसी पुलिया का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके लिए बनाए गए डायवर्जन में शुक्रवार को बारिश के बाद एक भारी वाहन धंस गया। काफी प्रयास के बाद भी वाहन को तत्काल नहीं निकाला जा सका, जिससे मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया। घंटों इंतजार के बाद यात्री बसों और अन्य चार पहिया वाहनों को चेतवा मोड़ से महुअरिया होकर रेणुकूट की ओर भेजा गया। वहीं, भारी वाहनों की सड़क पर लंबी कतार लग गई। क्षेत्रीय ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया निर्माण के लिए बनाया गया डायवर्जन गुणवत्तापूर्ण नहीं होने के कारण बरसात में दलदल में तब्दील होकर भारी वाहन के भार से धंस गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि डायवर्जन का निर्माण मानकों के अनुरूप और मजबूत तरीके से किया गया होता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। डायवर्जन धंसने से मुख्य मार्ग का आवागमन प्रभावित होने के साथ ही यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में कथित लापरवाही और धीमी गति को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि पुलिया का निर्माण कार्य लंबे समय से चल रहा है। यदि समय रहते कार्य पूरा कर दिया गया होता तो लोगों को आवागमन में इस तरह की परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। ग्रामीणों ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से निर्माण कार्य में तेजी लाने और डायवर्जन को गुणवत्तापूर्ण तरीके से तैयार कराने की मांग की है। वहीं, बीजपुर से बकरिहवा तक का मार्ग भी बरसात के कारण बदहाल हो गया है। जगह-जगह बने गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार कुछ दिन पहले गड्ढों में सोलिंग डालकर मरम्मत का प्रयास किया गया था, लेकिन इससे सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। खराब सड़क और मार्ग पर आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क, पुलिया और डायवर्जन की समस्या का शीघ्र समाधान नहीं कराया गया तो क्षेत्रवासियों का आक्रोश कभी भी आंदोलन का रूप ले सकता है।
Author: Pramod Gupta
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