सोनभद्र। बीजपुर (विनोद गुप्त) देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को हवाई खतरों से सुरक्षित रखने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया के बीच एक अहम समझौता हुआ है। एनटीपीसी रिहंद सीआईएसएफ के उप कमांडेंट प्रकाश ने बताया कि इस साझेदारी से हवाई निगरानी संदिग्ध ड्रोन की ट्रैकिंग और काउंटर-ड्रोन क्षमताओं को आधुनिक बनाया जाएगा। एमपी आरटीसी बहरोड़ को ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक के मुख्य केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों की पहचान और जांच के लिए भारतीय स्टार्टअप्स के सहयोग से स्वदेशी टूल्स और एसओपी तैयार होंगे।बल की तैयारियों को जांचने के लिए नियमित संयुक्त ड्रिल और रेड-टीमिंग अभ्यास किए जाएंगे। सीआईएसएफ वर्तमान में परमाणु संयंत्रों, हवाई अड्डों और अंतरिक्ष केंद्रों सहित 370 से अधिक संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कर रहा है। बल के 3,000 से अधिक कर्मियों को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है और 80 से अधिक इकाइयां निगरानी में ड्रोन का उपयोग कर रही हैं। सीआईएसएफ महानिदेशक प्रवीर रंजन और डीएफआई अध्यक्ष स्मित शाह के अनुसार यह कदम देश की सुरक्षा में आत्मनिर्भरता और आधुनिक तकनीकी दक्षता को नई ऊंचाई देगा।









