– समाज कल्याण राज्यमंत्री ने कहा—शिक्षक राष्ट्र के भविष्य के निर्माता
सोनभद्र। भारत के महान दार्शनिक, शिक्षाविद एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को शिक्षक दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले 68 शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र एवं सम्मान देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गौड़, सदर विधायक भूपेश चौबे, जिलाधिकारी चर्चित गौड़, सदर ब्लॉक प्रमुख अजीत रावत तथा जिला विद्यालय निरीक्षक जय राम सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं शिक्षक मौजूद रहे। समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गौड़ ने कहा कि शिक्षक समाज के मार्गदर्शक और राष्ट्र के भविष्य के निर्माता हैं। शिक्षक विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देने के साथ ही उनमें संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। शिक्षकों का सम्मान वास्तव में राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान का सम्मान है। सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने शिक्षा और शिक्षक की महत्ता को सदैव सर्वोच्च स्थान दिया। शिक्षक विद्यार्थियों को सही दिशा देकर उनके व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि शिक्षक देश के भविष्य को आकार देने वाले वास्तविक राष्ट्रनिर्माता हैं। विद्यालय में शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, संवेदनशीलता, रचनात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी उनका महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि उनका उत्कृष्ट कार्य अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत है। समारोह में माध्यमिक शिक्षा विभाग के 24 तथा बेसिक शिक्षा विभाग के 44 उत्कृष्ट शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र एवं सम्मान प्रदान किया गया। अतिथियों ने सम्मानित शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
Author: Pramod Gupta
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