– प्रसव के बाद 27 वर्षीय महिला की मौत, परिजनों ने लगाया चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज नगर स्थित जीवनदीप निजी अस्पताल में प्रसव के बाद 27 वर्षीय प्रसूता की मौत से आक्रोशित परिजनों ने जमकर हंगामा किया और अस्पताल में तोड़फोड़ की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। परिजन चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई और न्याय की मांग पर अड़े रहे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।जानकारी के अनुसार करमा थाना क्षेत्र के खैराही गांव निवासी रविता उम्र 27 वर्ष पत्नी जय सिंह को प्रसव के लिए दो सितंबर को जीवनदीप अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक तीन सितंबर की शाम करीब पांच बजे प्रसव के बाद अचानक उसकी हालत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजन और अन्य लोग अस्पताल में जुट गए। परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और अस्पताल में तोड़फोड़ भी की गई। परिजनों का आरोप था कि प्रसव के बाद महिला की हालत लगातार बिगड़ती गई, लेकिन समुचित उपचार नहीं मिल सका। वहीं, जन्म के बाद नवजात की तबीयत भी खराब होने की बात सामने आई है। परिजनों के अनुसार बच्चे को अब दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार कराया जाएगा। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने पर राजी हुए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निजी अस्पतालों में उपचार संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच और नियमित निगरानी जरूरी है। हालांकि, इस मामले में चिकित्सकीय लापरवाही की पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रसूता की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उपचार के दौरान चिकित्सकीय लापरवाही हुई या नहीं, इसका वास्तविक खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रशासनिक/स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगा।
Author: Pramod Gupta
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