August 31, 2026 11:19 am

बिना स्वीकृति अंबेडकर भवन निर्माण, भुगतान के लिए दबाव बनाने का आरोप

– प्रधान की कार्यशैली पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, जांच व भुगतान रोकने की मांग

सोनभद्र। विकास खंड नगवां की ग्राम पंचायत नंदना में बिना विभागीय स्वीकृति के अंबेडकर भवन का निर्माण कराए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की मनाही के बावजूद ग्राम प्रधान ने निर्माण कार्य जारी रखा। अब निर्माण पूरा होने के बाद इसके भुगतान के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि पंचायत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसी भी विकास कार्य को शुरू कराने से पहले नियमानुसार स्वीकृति लेना अनिवार्य है। बिना स्वीकृति कराए गए कार्य का बाद में अनुमोदन संभव नहीं है, लिहाजा भुगतान भी नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों का आरोप है कि अंबेडकर भवन के निर्माण के दौरान पास में ही एमएलसी निधि से यात्री शेड का निर्माण कराया जा रहा था। आरोप है कि अंबेडकर भवन के निर्माण में यात्री शेड के लिए उपलब्ध गिट्टी, बालू और सरिया सहित अन्य निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया। इस मामले में जांच की मांग की गई है।ग्राम पंचायत नंदना में पूर्व में कराए गए विकास कार्यों को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीण उमेश यादव का आरोप है कि पंचायत निधि से प्रधान के खेत में रीबोर कराकर करीब ढाई इंच का समर्सिबल लगवाया गया, जिसका इस्तेमाल धान और गेहूं की सिंचाई में किया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत स्तर पर सार्वजनिक उपयोग के लिए सामान्यतः छोटे क्षमता के समर्सिबल लगाए जाते हैं। इसके अलावा ग्रामीणों ने रिचार्ज पिट और वर्मी कंपोस्ट निर्माण में भी अनियमितता के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कुछ रिचार्ज पिट अभी भी अधूरे पड़े हैं। वहीं प्रधान के रिश्तेदारों के घर तक पंचायत निधि से सीसी रोड निर्माण कर व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है। आंगनबाड़ी केंद्र नीबी में गैस कनेक्शन के नाम पर 6200 रुपये के भुगतान को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल खड़े किए हैं। सबसे गंभीर सवाल अंबेडकर भवन के निर्माण के लिए तैयार किए गए स्टीमेट को लेकर उठाया जा रहा है। आरोप है कि बिना स्वीकृति निर्माण होने के बावजूद जेई द्वारा करीब 7.35 लाख रुपये का स्टीमेट तैयार किया गया। ग्रामीणों ने निर्माण की वास्तविक लागत और तैयार स्टीमेट की जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में पंचायत सचिव राकेश द्विवेदी ने बताया कि अंबेडकर भवन का निर्माण बिना स्वीकृति के कराया गया है। ऐसे में नियमानुसार कार्य का भुगतान नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि मामले से उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है।ग्रामीण उमेश यादव, तन्नू समेत अन्य ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से ग्राम पंचायत में प्रधान द्वारा कराए गए सभी विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने तथा नियम विरुद्ध भुगतान पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत में कराए गए कार्यों की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराई जाए तो कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

Pramod Gupta
Author: Pramod Gupta

Hello

Share this post:

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

कोरोना अपडेट

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

राशिफल

error: Content is protected !!