सोनभद्र। केंद्रीय रेशम बोर्ड, भारत सरकार एवं रेशम विकास विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा संयुक्त रूप से संचालित “मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0” कार्यक्रम के तहत 27 अगस्त को राजकीय रेशम फार्म देवरी/काचन में एक दिवसीय तसर रेशम जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय तसर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, पिस्का नगड़ी, रांची के वैज्ञानिक डी. डॉ. हरेंद्र यादव के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि म्योरपुर ब्लॉक प्रमुख मान सिंह गोंड रहे। सहायक निदेशक रेशम सोनभद्र नागेंद्र राम ने अतिथियों एवं किसानों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम का संचालन किया। इस दौरान किसानों को विभागीय सहायता योजनाओं, सहकारी समितियों के माध्यम से रेशम उत्पादन से आय अर्जित करने तथा रेशम के साथ अन्य बहुउद्देशीय गतिविधियों से अतिरिक्त आय के बारे में जानकारी दी गई। किसानों को वर्तमान वर्ष में रेशम विकास विभाग द्वारा लागू न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी अवगत कराया गया। वर्ष 2025-26 में सर्वाधिक कोया उत्पादन करने वाले किसान अनिल कुमार पुत्र कमला प्रसाद को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। डॉ. हरेंद्र यादव ने चाकी कीटपालन के महत्व, चौकी प्लॉट की तैयारी एवं बरती जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक एवं तकनीकी विधियों को अपनाकर कीटपालन करने का आह्वान किया। सहायक रेशम विकास अधिकारी पंकज कुमार ने प्रौढ़ कीटपालन, कीट स्थानांतरण तथा कीटपालन के दौरान जीवन सुधा, एलएसएम एवं चूना-ब्लीचिंग के छिड़काव और उससे होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया। अंत में उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं किसानों का आभार व्यक्त किया।
Author: Pramod Gupta
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