सोनभद्र। संगठित अपराध, लूट, छिनैती, महिलाओं के विरुद्ध अपराध और अवैध शस्त्रों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित गैंग लीडर समेत तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। तीनों के खिलाफ पूर्व में भी लूट-छिनैती, महिला से छेड़खानी, अवैध शस्त्र और पुलिस-बदमाश मुठभेड़ से जुड़े मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में थाना रॉबर्ट्सगंज में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित चन्द्रभूषण पुत्र स्व. लालचन्द्र निवासी लोढ़ी, अगस्त कोल उर्फ आजाद निवासी अशोकनगर और अजय कुमार उर्फ राहुल कुमार निवासी कांशीराम आवास की तलाश पुलिस कर रही थी। बुधवार को प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में भ्रमण एवं वांछित अभियुक्तों की तलाश में थे। इसी दौरान बढ़ौली चौराहे पर मुखबिर से सूचना मिली कि तीनों वांछित अभियुक्त ईको प्वाइंट के पास मौजूद हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन प्रभावी घेराबंदी कर उन्हें करीब 10:50 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। चन्द्रभूषण गिरोह का गैंग लीडर और मुख्य संचालक है। वह साथियों के साथ सुनसान एवं कम आबादी वाले स्थानों को चिन्हित कर राहगीरों, विशेषकर युवक-युवतियों को निशाना बनाता था। 8 अक्टूबर 2025 की घटना में लोढ़ी टोल प्लाजा और ईको प्वाइंट क्षेत्र में युवक-युवती से मोबाइल व रुपये छीनने तथा महिला से छेड़खानी का मामला सामने आया था। इसके अगले दिन पुलिस-बदमाश मुठभेड़ में चन्द्रभूषण के कब्जे से 315 बोर का तमंचा, कारतूस, लूट का मोबाइल और धनराशि बरामद होने की बात पुलिस ने बताई। अगस्त कोल उर्फ आजाद को पुलिस ने गिरोह का सक्रिय सहयोगी बताया है। वहीं अजय कुमार उर्फ राहुल कुमार की भूमिका लूट-छिनैती की घटनाओं में सक्रिय फील्ड सदस्य के रूप में सामने आने की बात कही गई है। पुलिस के अनुसार अजय के कब्जे से बरामद मोटोरोला मोबाइल की IMEI संख्या पीड़िता के मोबाइल से मेल खाई थी। मुठभेड़ के दौरान उसके कब्जे से भी तमंचा, कारतूस और लूट की धनराशि बरामद होने का दावा किया गया है। तीनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में पूर्व से मुकदमे दर्ज हैं। इनमें लूट-छिनैती, महिला से छेड़खानी, अवैध शस्त्र, पुलिस-बदमाश मुठभेड़ और गैंगस्टर एक्ट से संबंधित मामले शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों और सहयोगियों की भूमिका की जांच की जा रही है। अपराध से अर्जित चल-अचल संपत्ति एवं अन्य आर्थिक लाभ के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। साक्ष्य मिलने पर नियमानुसार संपत्ति जब्ती या कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तार करने वाली पुलिस प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल संदीप राय, कांस्टेबल रुपेश कुमार और हेड कांस्टेबल नन्दलाल राम शामिल रहे। पुलिस ने कहा कि संगठित अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
Author: Pramod Gupta
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