– 12 से 14 माह से मानदेय लंबित, उत्पीड़न का आरोप; समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी
सोनभद्र। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) एवं विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण योजना में ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत ग्राम रोजगार सेवकों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को वर्षों से लंबित मानदेय और स्थानीय स्तर पर कथित शोषण व उत्पीड़न की समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी से मिला। उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ के प्रदेश सचिव प्रभात सिंह चंदेल के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को समस्याओं से अवगत कराया।जिलाधिकारी ने मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल उपायुक्त श्रम एवं रोजगार को बुलाकर जल्द से जल्द मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने तथा अन्य समस्याओं के समाधान के लिए ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रदेश सचिव प्रभात सिंह चंदेल ने आरोप लगाया कि जनपद के विभिन्न विकासखंडों में ग्राम रोजगार सेवकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 12 से 14 माह का मानदेय बकाया होने के बावजूद रोजगार सेवकों से जबरन कार्य कराया जा रहा है और काम नहीं करने पर सेवा समाप्ति की धमकी दी जाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो प्रशासनिक मद के दुरुपयोग से मानदेय रोके जाने तथा शोषण-उत्पीड़न के विरोध में जिलेभर में अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं मिर्जापुर मंडल प्रभारी सुरेश तथा जिलामंत्री रोहित यादव ने कहा कि विकासखंड नगवां में जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा बकाया मानदेय के संबंध में विभाग एवं शासन को कथित तौर पर गलत और भ्रामक सूचनाएं भेजे जाने तथा लापरवाही के कारण रोजगार सेवकों का भुगतान लंबित है। उन्होंने कहा कि नगवां के रोजगार सेवक जिला मुख्यालय से लेकर शासन स्तर तक अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।प्रतिनिधिमंडल में वीरेंद्र कुमार, श्याम मोहन पांडेय, अमरपति राम, जुनैद अंसारी, चंद्रमणि यादव, रामसजीवन, जिलाजीत यादव, अयोध्या प्रसाद, उमेश कुमार, सुरेश कुमार, नंदलाल सहित अन्य रोजगार सेवक मौजूद रहे।
Author: Pramod Gupta
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