सोनभद्र। सामुदायिक शौचालयों पर कार्यरत केयरटेकरों ने अपना मानदेय सीधे निजी बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से दिए जाने की मांग को लेकर संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपा है। केयरटेकरों का कहना है कि वे स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों और नगरों में सामुदायिक शौचालयों की नियमित साफ-सफाई एवं रखरखाव कर स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि वर्तमान में उनका मानदेय स्वयं सहायता समूहों के खातों में भेजा जाता है, जिससे भुगतान में अनावश्यक देरी और विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उनका आरोप है कि कई बार उन्हें पूरा मानदेय नहीं मिल पाता तथा समूह के माध्यम से भुगतान होने के कारण अनावश्यक दबाव भी झेलना पड़ता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। केयरटेकरों ने प्रशासन से मांग की है कि उनके श्रम का उचित सम्मान करते हुए मानदेय सीधे उनके व्यक्तिगत बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजने की व्यवस्था लागू की जाए। उनका कहना है कि इससे उन्हें समय पर पूरा भुगतान मिल सकेगा और अनावश्यक समस्याओं से भी राहत मिलेगी। केयरटेकरों ने विश्वास जताया कि प्रशासन उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करेगा।
Author: Pramod Gupta
Hello









