October 10, 2026 4:28 am

लोकायुक्त जांच में खुलने लगे राज, अभिलेखों की कमी पर अधिकारियों ने जताई नाराजगी

सोनभद्र। आदर्श नगर पंचायत चोपन में भवन नंबरिंग शुल्क, संस्कार भवन और जनसूचना (आरटीआई) से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच अब तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश लोकायुक्त के निर्देश पर अपर आयुक्त मिर्जापुर, संयुक्त निदेशक (जेसीडी) तथा कोषागार एवं वित्त विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने बुधवार को नगर पंचायत कार्यालय और काली मंदिर परिसर स्थित संस्कार भवन का स्थलीय निरीक्षण कर शिकायत से जुड़े बिंदुओं की जांच की।जांच के दौरान अधिकारियों ने भवन नंबरिंग शुल्क, संस्कार भवन और आरटीआई से संबंधित अभिलेखों की जांच की। शिकायत में उल्लिखित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जाने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई और अधिशासी अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगते हुए मूल पत्रावलियों के साथ अगले दिन मिर्जापुर कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए। इसके बाद जांच टीम संस्कार भवन पहुंची, जहां भवन लंबे समय से बंद होने के कारण चाबी उपलब्ध नहीं मिली। काफी देर बाद ताला खुलवाकर भवन का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने छत से पानी रिसने, दीवारों में नमी तथा भवन की जर्जर स्थिति का जायजा लिया और रखरखाव संबंधी जानकारी भी प्राप्त की।निरीक्षण के दौरान अधिशासी अधिकारी ने बताया कि संस्कार भवन की छत की मरम्मत के लिए लगभग 14.70 लाख रुपये का टेंडर प्रस्तावित है। इस पर शिकायतकर्ता और स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताते हुए पूरे भवन की स्थिति को देखते हुए केवल छत की मरम्मत पर इतनी बड़ी राशि खर्च किए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने पूर्व में भी मरम्मत के नाम पर सरकारी धन खर्च होने के बावजूद भवन की स्थिति में सुधार न होने का आरोप लगाया। शिकायतकर्ता संजय कुमार जैन ने लोकायुक्त को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि भवन नंबरिंग के नाम पर प्रति भवन 80 रुपये की वसूली बिना स्पष्ट वैधानिक आधार के की गई। साथ ही जनसुनवाई पोर्टल पर विरोधाभासी जवाब देने और सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचनाएं समय पर उपलब्ध न कराने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में वर्ष 2010-11 में बने संस्कार भवन के निर्माण, रखरखाव, मरम्मत, ठेका प्रक्रिया और भुगतान में भी कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। वहीं, स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत के कनिष्ठ अभियंता की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए नए जेई की तैनाती की मांग की। जांच टीम के अधिकारियों ने कहा कि मामला अभी जांचाधीन है। सभी अभिलेखों, तकनीकी तथ्यों और संबंधित पक्षों के बयान का परीक्षण करने के बाद ही रिपोर्ट तैयार कर लोकायुक्त को भेजी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।

Pramod Gupta
Author: Pramod Gupta

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