सोनभद्र। जनपद में लगातार अवर्षण की स्थिति से खेती-किसानी गंभीर संकट में है। वर्षा के अभाव में अधिकांश क्षेत्रों में धान की रोपाई प्रभावित हुई है, जबकि जिन किसानों के पास निजी नलकूप हैं, वहीं सीमित स्तर पर बुआई और रोपाई हो पा रही है। जिले के अधिकांश हिस्सों में सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होने तथा बांध और बंधियों के खाली होने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। किसानों ने प्रशासन का ध्यान विभिन्न समस्याओं की ओर आकर्षित करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की है। किसानों ने मांग की है कि सोन लिफ्ट पंप कैनाल को उसकी पूरी क्षमता से संचालित किया जाए। उनका कहना है कि वर्तमान में चौथे स्टेज पर केवल दो पंप ही नियमित रूप से चल रहे हैं, जबकि तीसरा पंप कभी-कभार संचालित होता है। सभी पंप चालू कर किसानों को पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से निजी नलकूप भी प्रभावी ढंग से नहीं चल पा रहे हैं। किसानों ने शासन द्वारा निर्धारित 18 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उर्वरक की कमी का मुद्दा उठाते हुए किसानों ने कहा कि साधन सहकारी समितियों पर घंटों इंतजार करने के बावजूद कई किसानों को एक बोरी खाद तक नहीं मिल पाई है। उन्होंने सभी पात्र किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने की मांग की है।किसानों ने विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना से प्रभावित भूमि के उचित मुआवजे का भी मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि वर्तमान सर्किल रेट बाजार मूल्य की तुलना में काफी कम है। ऐसे में सभी गांवों का सर्किल रेट बढ़ाकर किसानों को उनकी कृषि भूमि का उचित मूल्य दिलाया जाए। किसानों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि इन सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान कर खेती और किसानों को संकट से उबारने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
Author: Pramod Gupta
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