सोनभद्र। जनपद में प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन पम्प्ड स्टोरेज (पीएसपी) परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न कंपनियों की परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, भूमि क्रय, वन एवं राजस्व संबंधी प्रकरणों तथा अन्य आवश्यक अनुमतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में बताया गया कि ग्रीनको ग्रुप की 3000 मेगावाट क्षमता वाली पम्प्ड स्टोरेज परियोजना के लिए भूमि संबंधी आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रभागीय वनाधिकारी रॉबर्ट्सगंज एवं ओबरा तथा उपजिलाधिकारी रॉबर्ट्सगंज एवं ओबरा को पत्र भेजा जा चुका है। वहीं आवाडा वाटर बैटरी लिमिटेड की पम्प्ड स्टोरेज परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई और इससे जुड़े विभागीय मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने वन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजनाओं से जुड़े सभी प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के अनुरूप आवश्यक एनओसी, स्वीकृतियां एवं अन्य विभागीय प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी हों, ताकि परियोजनाओं के निर्माण में किसी प्रकार की बाधा न आए।डीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार सोनभद्र में ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश को प्राथमिकता दे रही है। ऐसे में सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ निवेशकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करें, जिससे परियोजनाएं निर्धारित समय में पूर्ण होकर प्रदेश की ऊर्जा क्षमता को और मजबूत बना सकें। बैठक में विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि, प्रभागीय वनाधिकारी (ओबरा), महाप्रबंधक जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र विनोद कुमार चौधरी, उद्योग मित्र नितिन प्रकाश तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
Author: Pramod Gupta
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