– डीएपी और यूरिया सरकारी दर से कई गुना महंगी बेचने का आरोप, एफआईआर और सख्त कार्रवाई की मांग
सोनभद्र। जनपद के आदिवासी बाहुल्य बभनी ब्लॉक में खाद की किल्लत और अधिकृत दुकानदारों पर कालाबाजारी के आरोपों को लेकर किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। बुधवार को युवा मंगल दल ट्रस्ट के बैनर तले किसानों ने दुद्धी में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दोषी दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की। पूर्व प्रधान एवं ट्रस्ट के जिला सह प्रभारी संजय कुमार गुप्ता के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कृषि विभाग के अधिकारियों और कुछ अधिकृत खाद-बीज विक्रेताओं की कथित मिलीभगत से किसानों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि सरकारी निर्धारित मूल्य ₹1,350 वाली डीएपी खाद ₹2,100 से ₹2,200 तक तथा ₹266 की यूरिया बोरी ₹500 से ₹600 में बेची जा रही है।ज्ञापन में यह भी कहा गया कि इस संबंध में कई बार ब्लॉक एवं जिला स्तर पर शिकायतें की गईं और आईजीआरएस पोर्टल पर भी प्रकरण दर्ज कराया गया, लेकिन कार्रवाई के बजाय केवल औपचारिक जांच कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि 9 जुलाई 2026 को आसनडीह स्थित अनामिका खाद बीज भंडार पर मौजूद डीएपी की करीब 200 बोरियां रातों-रात गायब कर दी गईं और उनकी कालाबाजारी की गई। संजय कुमार गुप्ता ने कहा कि खाद की कालाबाजारी किसानों के साथ खुला अन्याय है। यदि प्रशासन ने तत्काल दोषी दुकानदारों पर मुकदमा दर्ज कर उचित मूल्य पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की, तो किसान संगठन चक्का जाम और उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ज्ञापन में अनामिका खाद बीज भंडार (आसनडीह), गुप्ता खाद बीज भंडार (चैनपुर-परसाटोला) और श्रीराम इंटरप्राइजेज (चैनपुर) सहित अन्य दुकानों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच एवं कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई। इस दौरान हरि, दीपक, पप्पू, लवकुश, बरम यादव, मान जी सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
Author: Pramod Gupta
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