सोनभद्र। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट गेट के पास वाराणसी–शक्तिनगर हाईवे किनारे बने “सोनभद्र” सेल्फी प्वाइंट को लेकर नया विवाद सामने आया है। जिस स्थान पर नगर पालिका पार्क विकसित करने की तैयारी कर रही थी, वहां हाईकोर्ट में लंबित वाद का बोर्ड लगाए जाने से प्रस्तावित योजना पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार कलेक्ट्रेट गेट के समीप हाईवे किनारे स्थित “सोनभद्र” सेल्फी प्वाइंट का निर्माण पहले जिला प्रशासन द्वारा कराया गया था, ताकि शहरवासियों और बाहर से आने वाले लोगों को एक आकर्षक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध हो सके। बाद में नगर पालिका ने इसी स्थान पर पार्क विकसित करने का निर्णय लिया और पुराने सेल्फी प्वाइंट को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी। इसी बीच याचिकाकर्ता जय गोपाल की ओर से स्थल पर एक बोर्ड लगाया गया है। बोर्ड में उल्लेख किया गया है कि गाटा संख्या 876 से संबंधित मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है तथा न्यायालय के आदेश के अधीन है। साथ ही यह दावा भी किया गया है कि संबंधित भूमि पर किसी प्रकार का कब्जा या निर्माण करने का अधिकार संबंधित अधिकारियों को प्राप्त नहीं है। इस घटनाक्रम के बाद नगर पालिका की प्रस्तावित पार्क योजना अधर में पड़ती नजर आ रही है। वहीं, पहले निर्मित सेल्फी प्वाइंट पर खर्च हुए सरकारी धन के उपयोग को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। शहरवासियों का कहना है कि एक प्रमुख सार्वजनिक सेल्फी स्थल भी अब समाप्त हो चुका है। इस संबंध में नगर पालिका का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संबंधित अधिकारी से फोन पर संपर्क नहीं हो सका। इसलिए उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। देखना होगा कि न्यायालय में मामला लंबित होने की स्थिति में प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है और नगर पालिका की पार्क निर्माण योजना पर क्या निर्णय लिया जाता है।
Author: Pramod Gupta
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