– शिकायतों के बावजूद नहीं हटाया गया अतिक्रमण, ग्राम पंचायत ने जिलाधिकारी से की सख्त कार्रवाई की मांग
सोनभद्र। पन्नूगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पड़री कलां में सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्राम पंचायत और ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत और पत्राचार के बावजूद राजस्व विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा स्थायी रूप लेता जा रहा है। बताया गया कि आराजी संख्या 611क सार्वजनिक उपयोग की भूमि है, जहां आर.आर.सी. सेंटर, सरकारी उचित दर की राशन दुकान, जन सुविधा केंद्र तथा होलिका दहन स्थल संचालित हैं। ग्राम पंचायत ने सरकारी धन से इस भूमि की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल का निर्माण भी कराया था। आरोप है कि इसी बाउंड्री के भीतर एक व्यक्ति ने बांस और टीनशेड लगाकर आवास बना लिया है तथा कई भैंसें बांध रखी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में पशुओं की गंदगी और दुर्गंध के कारण आर.आर.सी. सेंटर, राशन की दुकान और जन सुविधा केंद्र पर आने वाले लोगों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे सार्वजनिक सुविधाओं का संचालन भी प्रभावित हो रहा है। ग्राम पंचायत के अनुसार, 01 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत संख्या 92620000008613 दर्ज कराई गई थी। इसके अलावा तहसील दिवस, थाना समाधान दिवस तथा जिलाधिकारी सोनभद्र को भी लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक अतिक्रमण हटाने की कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में प्रशासन के हस्तक्षेप से कब्जा हटाया गया था, लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते दोबारा अतिक्रमण कर लिया गया। ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा-67 के तहत तत्काल बेदखली की कार्रवाई कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। साथ ही सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सार्वजनिक सुविधाओं में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में संबंधित कब्जाधारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाए तथा शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न करने वाले संबंधित राजस्व अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए विभागीय कार्रवाई की जाए। यह समाचार ग्राम पंचायत एवं ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत शिकायतों पर आधारित है। संबंधित पक्ष या राजस्व विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।









