सोनभद्र। उत्तर प्रदेश शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना के सफल एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने भूमि अधिग्रहण से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को पूरी पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलएओ), राजस्व निरीक्षक एवं क्षेत्रीय लेखपाल मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि यूपीडा से प्राप्त भूमि क्रय एवं अधिग्रहण प्रस्तावों की प्रारंभिक जांच गंभीरता एवं शुद्धता के साथ की जाए। प्रभावित गांवों के राजस्व अभिलेखों का विस्तृत सत्यापन कर किसानवार विवरण निर्धारित प्रारूप में तैयार किया जाए, जिसमें खाता संख्या, कृषक का नाम, भूमि में हिस्सा, सहखातेदारों का विवरण, भूमि सीलिंग की स्थिति सहित सभी आवश्यक जानकारियां दर्ज हों। उन्होंने निर्देश दिया कि ग्राम सभा, गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट, निष्क्रांत एवं शत्रु संपत्ति से संबंधित भूमि का अलग और प्रमाणिक विवरण तैयार किया जाए। प्रत्येक गांव और प्रत्येक कृषक का रिकॉर्ड पृथक रजिस्टर में सुरक्षित रखा जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। डीएम ने बड़े गांवों में कार्य की गुणवत्ता और गति बनाए रखने के लिए दो राजस्व निरीक्षक, संबंधित लेखपाल एवं दो सहयोगी लेखपालों की टीम गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक तहसील को अपनी कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध और त्रुटिरहित सूचनाएं उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने तहसील रॉबर्ट्सगंज के 54 गांवों में प्रस्तावित गाटा संख्या, खातेदारों के नाम एवं उनके पिता के नाम का राजस्व अभिलेखों से मिलान कराने तथा ग्राम सीमाओं का भौतिक एवं अभिलेखीय सत्यापन कराने के निर्देश दिए। यदि किसी भूमि अथवा परिसंपत्ति का विवरण प्रस्ताव में छूट गया हो तो उसका संशोधित प्रस्ताव तत्काल उपलब्ध कराने को कहा।जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रस्तावित भूमि वास्तव में किसान के नाम दर्ज है या ग्राम सभा अथवा शासकीय भूमि है। किसी भी स्तर पर अनियमितता, तथ्य छिपाने या जानबूझकर त्रुटि पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बैठक के अंत में डीएम चर्चित गौड़ ने कहा कि विंध्य एक्सप्रेसवे सोनभद्र सहित पूरे विंध्य क्षेत्र के विकास की आधारशिला साबित होगा। इसलिए भूमि अधिग्रहण की प्रत्येक प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि परियोजना का कार्य बिना किसी बाधा के समय पर शुरू हो सके।
Author: Pramod Gupta
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