सोनभद्र। विंध्य ब्रिगेड के संयोजक एवं पूर्व प्रमुख सदर रमेश कुमार मिश्र गुरुवार को कचहरी परिसर रॉबर्ट्सगंज में संगठन के बैनर तले पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठ गए। उन्होंने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपकर जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। रमेश मिश्र ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को निषेधाज्ञा और प्रशासनिक दबाव के माध्यम से दबाना उचित नहीं है। उन्होंने जल, जंगल, जमीन और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाकर औद्योगिक परियोजनाओं को बढ़ावा दिए जाने का विरोध करते हुए कहा कि इससे वनवासी और किसान सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उनका आरोप था कि जिले में स्थापित बड़े उद्योगों से स्थानीय लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिला, जबकि विस्थापन और पर्यावरणीय चुनौतियां लगातार बढ़ी हैं। उन्होंने किसानों को समय पर डीएपी एवं यूरिया खाद उपलब्ध कराने, कालाबाजारी और मिलावटी उर्वरकों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) निधि से माइनर, गुल एवं झालों की मरम्मत कर सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा स्थानीय उद्योगों में योग्य स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई। रमेश मिश्र ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर मंडलायुक्त कार्यालय और नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर भी उपवास किया जाएगा। उपवास स्थल पर विजय शंकर तिवारी, श्रीनाथ यादव, व्योम शुक्ला, प्रभु पटेल, पवन चौबे, संतोष कुमार पांडेय, प्रवेश पाठक, विशाल कनौजिया, विकास मिश्रा, नीरज सिंह, रामचंद्र गुप्ता सहित विंध्य ब्रिगेड के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। समाचार लिखे जाने तक अनिश्चितकालीन उपवास जारी था।
Author: Pramod Gupta
Hello









