सोनभद्र। बीजपुर (विनोद गुप्त) जरहा गांव में इन दिनों जंगली बंदरों का आतंक चरम पर है जिससे ग्रामीण बेहद परेशान और खौफजदा हैं। बंदरों के झुंड ने न सिर्फ ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है बल्कि उनके जान-माल को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक जंगली बंदरों का झुंड खेतों और बाग-बगीचों में घुसकर फलों सब्जियों और खड़ी फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दे रहा है। मेहनत से उगाई गई फसलें नष्ट होने के कारण किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बंदरों का उत्पात अब जंगलो से निकलकर सीधे आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच गया है। गांव के कई गरीब परिवारों के कच्चे मकानों और खपरैल के घरों को बंदरों ने अपना निशाना बनाया है। छत के खपरैल हटाने और छप्पर उजाड़ने से ग्रामीणों के सामने सिर छुपाने का संकट खड़ा हो गया है। बंदरों के हिंसक रुख के कारण महिलाओं बच्चों और बुजुर्गों का घरों से अकेले बाहर निकलना दूभर हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जरा सी असावधानी होने पर बंदर लोगों पर झपट पड़ते हैं जिससे हर वक्त किसी अनहोनी का डर बना रहता है। परेशान ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के उच्चाधिकारियों का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित कराया है।ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग की टीम जल्द से जल्द जरहा गांव पहुंचकर इन बंदरों को पकड़ने का रेस्क्यू अभियान चलाए ताकि ग्रामीणों को इस भय और नुकसान से मुक्ति मिल सके।
Author: Pramod Gupta
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