सोनभद्र। बीजपुर (विनोद गुप्त) क्षेत्र में इस वर्ष मानसून की धीमी गति और पर्याप्त बारिश न होने के कारण धान की रोपाई का कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है आसमान में बादलों की आवाजाही तो है लेकिन उम्मीद के मुताबिक बारिश न होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा रही हैं। क्षेत्र में नहर या अन्य सरकारी सिंचाई साधनों के अभाव में खेती करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है ऐसे में जो किसान आर्थिक रूप से सम्पन्न हैं वे निजी संसाधनों की व्यवस्था कर धान की रोपाई में जुटे हुए हैं।जरहा स्थित बघेल फार्म हाउस के कृषि प्रबंधक राहुल सिंह ने बताया कि पर्याप्त बारिश न होने के कारण वे निजी संसाधनों से सिंचाई कर धान की रोपाई करा रहे हैं हालांकि अनियमित विद्युत आपूर्ति के कारण सिंचाई कार्य में काफी बाधा आ रही है। बिजली न रहने पर डीजल इंजन का सहारा लेना पड़ रहा है जिससे डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण किसानों की खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। दूसरी ओर क्षेत्र के किसान श्याम सुंदर जायसवाल, त्रिथ गुर्जर, रोहित सिंह, लल्लू बाबू और तेजबली सिंह ने बताया कि इस वर्ष केवल रुक-रुक कर हल्की वर्षा हो रही है जिससे आम किसानों के लिए धान की रोपाई मक्का अरहर उड़द आदि की खेती का कार्य काफी पिछड़ गया है। इन तमाम मुश्किलों और पानी के संकट के बावजूद खेतों में धान की रोपाई कर रही महिला श्रमिक अपनी परंपरा को जीवित रखे हुए हैं। विपरीत परिस्थितियों के बीच भी जरहा स्थित चेतवा बघेल फार्म हाउस पर धान रोपाई के दौरान महिलाएं कजरी गीत गाकर पूरे माहौल को उत्साहपूर्ण बना रही हैं जिससे खेतों में ग्रामीण संस्कृति की एक खूबसूरत झलक देखने को मिल रही है।फिलहाल क्षेत्र का अन्नदाता अब भी एक अच्छी और झमाझम बारिश की उम्मीद में टकटकी लगाए बैठा है।
Author: Pramod Gupta
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