सोनभद्र। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में चल रहे “पेड़ है तो प्राण है” अभियान के अंतर्गत सोनभद्र में आयोजित जनसभा में आदिवासी, वनवासी और किसान समुदाय ने प्रस्तावित निजी ऊर्जा परियोजनाओं एवं जंगलों की कटाई के खिलाफ एकजुट होकर विरोध दर्ज किया। मोर्चा के जिला संयोजक रामसूरत खरवार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, _”जान दे देंगे, लेकिन जंगल नहीं कटने देंगे। जंगल हमारे जीवन, संस्कृति और अस्तित्व का आधार हैं।”उन्होंने आरोप लगाया कि जेएसडब्ल्यू, अबाडा, अडानी सहित विभिन्न निजी ऊर्जा परियोजनाओं के नाम पर बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई और ग्रामीणों की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण एवं स्थानीय जनजीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास के नाम पर प्रकृति और जन-अधिकारों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। पर्यावरण संरक्षण, वनाधिकार अधिनियम और ग्रामीणों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। किसी भी परियोजना को लागू करने से पूर्व ग्राम सभा एवं प्रभावित लोगों की लिखित सहमति अनिवार्य की जाए। जंगल पर आश्रित समुदायों के पारंपरिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर कार्यालय मंत्री कैलाश तिवारी को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया। कार्यक्रम में रामसूरत खरवार, गुलाब चेरो, दिनेश गोंड, मुरहु गोंड, रामेश्वर पनिका, जीतू माझी, बिंदु खरवार, आकाश चौहान, सत्रुधन बिंद, सूरज कनौजिया, सुजीत विश्वकर्मा, विजय चौहान, सत्यम पाण्डेय, शंकर सोनी, संजय बियार, विजय बिंद सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।









