सोनभद्र। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा द्वारा संचालित “पेड़ है तो प्राण है” अभियान के अंतर्गत आज जनपद के सुदूर वनवासी क्षेत्र सोमा ग्राम पंचायत में एक जन चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में पर्यावरण संरक्षण, वन संपदा संवर्धन, सोनभद्र में तेंदुआ सफारी एवं कृषि वानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना पर विस्तार से चर्चा हुई।कार्यक्रम में ग्रामीणों से संवाद के दौरान क्षेत्र की सबसे विकराल समस्या पेयजल संकट सामने आई। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी “जल जीवन मिशन” और “हर घर नल योजना” के करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी उन्हें आज तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं हो सका है। विवश होकर लोग पीने के लिए नाले, नालियों और तालाबों का पानी कपड़े से छानकर पी रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।मोर्चा संयोजक जिलाधिकारी एवं जल निगम के अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता कर स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि “यदि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी वनवासी क्षेत्रों के लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं, तो यह शासन-प्रशासन की गंभीर विफलता है”।संदीप मिश्रा ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही सोमा ग्राम पंचायत में पेयजल की समुचित एवं स्थायी व्यवस्था नहीं की गई, तो किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ग्रामीणों के साथ मिलकर कलेक्ट्रेट, पर व्यापक जन आंदोलन करने को बाध्य होगा। आंदोलन की समस्त जिम्मेदारी जल निगम एवं जिला प्रशासन की होगी।इस जन चौपाल में आकाश चौहान, शत्रुघ्न बिंद, विजय चौहान, बिंदु खरवार, मुखलाल चेरो, सुष्मिता धनगर, दिनेश चेरो, नागेंद्र धनगर, कन्हैया लाल सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे









