सोनभद्र। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व 15 वर्षीय किशोरी के अपहरण के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/सीएडब्ल्यू सोनभद्र बिपिन कुमार तृतीय की अदालत ने शनिवार को सुनवाई करते हुए दोषी सरवन कुमार को 4 वर्ष की कैद एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि जेल में बिताई गई अवधि सजा में समाहित की जाएगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार दुद्धी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने 29 जनवरी 2024 को दुद्धी थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 23 जनवरी 2024 की रात करीब 2 बजे उसकी 15 वर्षीय बेटी को सरवन कुमार पुत्र लालकेश्वर निवासी झारोकला, थाना दुद्धी, बहला-फुसलाकर भगा ले गया। तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया था कि इससे पूर्व भी आरोपी उसकी बेटी को भगा ले गया था, लेकिन उस समय आपसी सुलह-समझौते के बाद मामला शांत हो गया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने, गवाहों के बयान एवं उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी सरवन कुमार को दोषी करार देते हुए उक्त सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने पैरवी की।
Author: Pramod Gupta
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