सोनभद्र। बीजपुर (विनोद गुप्त) इक्कीसवीं सदी का सबसे महत्वपूर्ण विकास सिद्धांत “सतत विकास” है। इसका मतलब वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं की पूर्ति इस प्रकार करना कि भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं से समझौता न हो। आर्थिक विकास, सामाजिक न्याय और पर्यावरण संरक्षण ये तीनों सतत विकास के स्तंभ हैं। विकास को हरित और समावेशी बनाना समय की मांग है।उक्त उद्गार संजय असाटी परियोजना प्रमुख (रिहंद) ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह के दौरान व्यक्त किए। उल्लेखनीय है कि एनटीपीसी रिहंद में विश्व पर्यावरण दिवस– 2026 का आयोजन प्रकृति से प्रेरित जलवायु के लिए हमारे भविष्य के लिए” थीम के साथ बड़े उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु एक भव्य पर्यावरण पदयात्रा तथा पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया परियोजना प्रमुख (रिहंद) संजय असाटी ने लेक पार्क से पर्यावरण पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जो कि शिवालिक गेस्ट हाउस (गोल्फ ग्राउंड) पहुँचकर समाप्त हुई। पदयात्रा में रिहंद परियोजना के वरिष्ठ अधिकारीगण, कर्मचारीगण, महिलाएं, बच्चे तथा यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधिगण शामिल थे। सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने प्रतिबद्धता व्यक्त की। पदयात्रा समापन के उपरांत सबसे पहले परियोजना प्रमुख सहित उपस्थित विशिष्टजनों का स्वागत किया गया तथा कार्यक्रम का शुभारंभ एनटीपीसी गीत के साथ हुआ। पर्यावरण प्रबंधन समूह विभागाध्यक्ष राजीव कुमार मित्तल ने रिहंद परियोजना के पर्यावरण प्रबंधन समूह द्वारा की जा रही गतिविधियों और उपलब्धियों का व्यौरा प्रस्तुत किया।परियोजना प्रमुख ने एनटीपीसी लिमिटेड के निदेशक (प्रचालन) के पर्यावरण संदेश का पाठन किया तथा सभी प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलवाई।









