सोनभद्र। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन (डीबीए) सोनभद्र द्वारा डीबीए सभागार में पूर्व अध्यक्ष जगजीवन सिंह एडवोकेट की अध्यक्षता में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अधिवक्ताओं ने तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों पर चर्चा करते हुए न्यायालय परिसर को पूर्णतः तंबाकू मुक्त बनाने का संकल्प लिया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए डीबीए के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन कुमार सिंह एडवोकेट ने कहा कि तंबाकू का सेवन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि इसका दुष्प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि कैंसर, हृदय रोग तथा श्वसन संबंधी गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण तंबाकू है। अधिवक्ता समाज के जागरूक प्रहरी हैं, इसलिए उनकी जिम्मेदारी है कि वे तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। वरिष्ठ अधिवक्ता रियाजुद्दीन खान ने कहा कि कोटपा अधिनियम-2003 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान दंडनीय अपराध है। उन्होंने बताया कि डीबीए द्वारा “रुको, रोको और टोको” अभियान चलाकर लोगों को तंबाकू और अन्य नशे की आदतों से दूर रहने के लिए जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुमार यादव एडवोकेट ने किया। संगोष्ठी में पंकज यादव, प्रदीप कुमार मौर्य, चंद्रपाल शुक्ल, संतोष कुमार यादव, राजेंद्र कुमार यादव, राजकुमार पटेल, सुरेश सिंह कुशवाहा, वीरेंद्र राव, सुरेश सिंह, टीटू प्रसाद गुप्ता, कामता यादव, आदर्श देव पांडेय, रामगुल्ली यादव, आशुतोष पटेल, दसरथ यादव, कृष्णानंद सिंह, शाहिद कुरैशी, कृष्णकांत सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
Author: Pramod Gupta
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