सोनभद्र। थाना पिपरी पुलिस ने नाबालिग किशोरी का बाल विवाह कराने, परिवार को डरा-धमकाकर बंधक बनाने तथा जान से मारने की धमकी देने के मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, थाना पिपरी क्षेत्र के मलीन बस्ती वार्ड नंबर-01 तुर्रा निवासी पवन कुमार पुत्र स्वर्गीय कमाल धरिकार ने 21 मई 2026 को सूचना दी थी कि उनकी पत्नी बच्चों सहित बिना बताए घर से कहीं चली गई है। इस संबंध में थाना पिपरी पर गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस की तत्परता से 23 मई को महिला और बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया। घर लौटने पर महिला ने बताया कि उसे और उसके बच्चों को कामेश्वर बैठा निवासी रेनुकूट तथा बाबा जी नामक व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर अलीगढ़ ले जाया गया था, जहां उसकी करीब 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री का विवाह लोकेश नामक युवक से करा दिया गया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि अलीगढ़ में उन्हें डरा-धमकाकर रखा गया और किसी को जानकारी देने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। मौका मिलने पर उसने लोकेश के मोबाइल से अपने पति को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम ने उन्हें सुरक्षित बरामद किया। मामले में थाना पिपरी पर मुकदमा अपराध संख्या-102/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। विवेचना के दौरान मामले में धारा 64(2)(ड), 65(1) बीएनएस, 5(L)/6 पॉक्सो एक्ट तथा 9/10 बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की बढ़ोत्तरी की गई। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार एवं क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष पिपरी राजेश जी चौबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर 28 मई 2026 को नौकुटिया मोड़ के पास से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों में अलीगढ़ निवासी लोकेश कुमार उर्फ मुच्ची शर्मा तथा झारखंड निवासी कामेश्वर बैठा शामिल हैं। पुलिस पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी आर्थिक लाभ के उद्देश्य से गरीब एवं नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर अन्य जनपदों में ले जाकर उनका विवाह कराते थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय भेजते हुए आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तारी करने वाली टीम थानाध्यक्ष राजेश जी चौबे, उपनिरीक्षक हीरा लाल यादव, हेड कांस्टेबल प्रभू नारायण एवं कांस्टेबल रोहित यादव शामिल रहे।
Author: Pramod Gupta
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