सोनभद्र। ब्लॉक घोरावल के शाहगंज क्षेत्र में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत संचालित योजनाओं में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। शनिवार को विकास खंड घोरावल अंतर्गत शाहगंज स्थित बुद्धा स्वयं सहायता समूह कार्यालय पर पहुंचीं समूह सखियों ने ब्लॉक मिशन प्रबंधक व उनकी सहयोगी पर अवैध धन उगाही, मानदेय रोकने और ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर कराने जैसे आरोप लगाते हुए हंगामा किया तथा निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। समूह सखियों का आरोप है कि उनसे डीसी एनआरएलएम के नाम पर रिश्वत की मांग की जाती है। विरोध करने पर मानदेय रोकने और कार्य से हटाने की धमकी दी जाती है। महिलाओं ने बताया कि उनसे जबरन ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर कराए जाते हैं, जबकि उन्हें यह तक नहीं बताया जाता कि पैसा किस कार्य हेतु निकाला जा रहा है। समूह की अध्यक्ष ममता एवं सचिव बिंदु विश्वकर्मा ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर कार्यरत एक महिला द्वारा कई बार उनसे ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर कराए गए, लेकिन चेक के उपयोग की जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समूह के खाते से निकाली गई धनराशि का कोई स्पष्ट विवरण नहीं दिया जाता तथा जारी नोटिसों पर भी फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। समूह सखी श्वेता गिरी ने बताया कि पिछले कई वर्षों से ड्राई राशन के परिवहन का भाड़ा नहीं मिला है और पिछले नौ महीनों से मानदेय भी लंबित है। अधिकारियों द्वारा शासन स्तर से धन न आने की बात कही जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खाते में आए 1.44 लाख रुपये में से 50 हजार रुपये तक की मांग डीसी के नाम पर की गई और दबाव बनाकर धन लिया गया। वहीं संतरा देवी, श्यामा देवी और सोनी सहित अन्य समूह सखियों ने भी भुगतान में अनियमितता, मानदेय न मिलने और कमीशन मांगने के आरोप लगाए। समूह सखियों का कहना है कि वर्तमान में करीब 30 महिलाएं कार्यरत हैं, लेकिन सभी को भुगतान संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।समूह सखियों ने बताया कि जिलाधिकारी से मुलाकात न होने पर उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी से शिकायत की थी, जिन्होंने एक सप्ताह में जांच का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे लखनऊ तक आंदोलन करने को बाध्य होंगी। वहीं ब्लॉक मिशन प्रबंधक प्रदीप कुमार ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनके कार्य पूरी तरह पारदर्शी हैं और किसी भी स्तर पर जांच कराई जा सकती है। उन्होंने बताया कि मानदेय और अन्य भुगतान सीधे बैंक खातों में आते हैं तथा पिछले कुछ समय से शासन स्तर पर ही भुगतान लंबित है। बीके पूजा ने भी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि तकनीकी कारणों से कुछ चेक दोबारा भरवाए गए थे।लगातार सामने आ रहे आरोपों के बाद एनआरएलएम योजनाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं और अब क्षेत्रवासियों की नजर प्रशासन की संभावित जांच और कार्रवाई पर टिकी हुई है।
Author: Pramod Gupta
Hello









