सोनभद्र। आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता अमिताभ ठाकुर को गंभीर जान से मारने की धमकियां मिलने के बावजूद सुरक्षा न दिए जाने, फर्जी मुकदमों में अवैधानिक गिरफ्तारी, न्यायालय की अवमानना तथा निष्पक्ष जांच न होने को लेकर संगठन ने गहरी चिंता जताई है। आज़ाद अधिकार सेना के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने बताया कि अमिताभ ठाकुर वर्तमान में जेल में निरुद्ध रहते हुए भी लगातार जान से मारने की धमकियों का सामना कर रहे हैं, लेकिन अब तक न तो इन धमकियों की निष्पक्ष जांच कराई गई और न ही उन्हें प्रभावी सुरक्षा प्रदान की गई। संगठन का आरोप है कि राजनीतिक प्रतिशोध के तहत उनके विरुद्ध फर्जी एवं दुर्भावनापूर्ण मुकदमे दर्ज कर अवैधानिक गिरफ्तारी की गई, साथ ही न्यायालय के आदेशों की भी अवहेलना की गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। आज़ाद अधिकार सेना ने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का गंभीर उल्लंघन बताया है। इन मुद्दों के विरोध में संगठन द्वारा 1 फरवरी 2026 को देश एवं प्रदेश के विभिन्न जनपदों में शांतिपूर्ण कैंडल मार्च आयोजित किया जा रहा है।
संगठन ने महामहिम राष्ट्रपति से मांग की है कि
- अमिताभ ठाकुर को मिली धमकियों की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई कराई जाए।
- जेल में तथा रिहाई के बाद उन्हें प्रभावी और स्थायी सुरक्षा प्रदान की जाए।
- उनके विरुद्ध दर्ज फर्जी मुकदमों की निष्पक्ष जांच कर उन्हें निरस्त किया जाए।
- अवैधानिक गिरफ्तारी और न्यायालय की अवमानना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
Author: Pramod Gupta
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