February 12, 2026 3:37 am

सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल! चलती माल गाड़ियों से खुलेआम हो रहा कोयला चोरी

​सोनभद्र ।बीजपुर एनटीपीसी रिहंद की सुरक्षा व्यवस्था इन दिनों सवालों के घेरे में है।कोयले और रेल पटरियों की सुरक्षा के लिए प्रतिमाह लाखों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे हैं उसी सुरक्षा घेरे को ठेंगा दिखाकर कोल माफिया हर रोज लाखों रुपए का कोयला उतार कर पार कर रहे हैं।स्थानीय स्तर की सूचनाओं के अनुसार कोल माफियायों के गुर्गे बेखौफ होकर चलती माल गाड़ियों पर चढ़ जाते हैं और भारी मात्रा में कोयला नीचे उतार देते हैं।यह सिलसिला केवल एक दिन का नहीं बल्कि हर रोज का है।हैरत की बात यह है कि एमपी के अमलोरी–बीजपुर एनटीपीसी रिहंद परियोजना रूट पर रेल लाईन की सुरक्षा का जिम्मा सीआईएसएफ के पास है।रेल लाइन पर जवान बाकायदा गश्त भी करते है लेकिन चोरी की इन घटनाओं पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहे है।​कोयले की चोरी तो आम बात हो गई है।पिछले दिनों मध्य प्रदेश के करोटी के पास रेल लाइन की पटरी को कबाड़ियों द्वारा काट कर की गयी चोरी की घटना ने सबको चौंका दिया था।वहां चोरों ने रेल की पटरियां तक काट डालीं और उन्हें उठाकर ले भी गए यह घटना साबित करती है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं और सुरक्षा एजेंसियां कितनी चुस्त हैं ​​ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर भारी आक्रोश और चर्चा है। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी जबरदस्त सुरक्षा ब्यवस्था और सीआईएसएफ की तैनाती के बावजूद बिना अंदरूनी मिली भगत के इस स्तर की चोरी संभव नहीं है। लोगों ने सवाल किया है कि
​जब सुरक्षाकर्मी कोयला रेक की माल गाड़ी के साथ पट्रोलिंग करते हैं तो उन्हें यह चोर नजर क्यों नहीं आते​ करोड़ों के बजट वाली सुरक्षा व्यवस्था में सेंधमारी कैसे हो रही है।एनटीपीसी रिहंद द्वारा पटरियों और कोयले की सुरक्षा के नाम पर भारी भरकम निवेश के बाद भी कोयला माफिया का राज चलना सुरक्षा की विफलता को दर्शाता है।यदि समय रहते इस पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो न केवल राजस्व का नुकसान होगा बल्कि किसी दिन कोई बड़ी रेल दुर्घटना भी घट सकती है जिसकी भरपाई सम्भव नही होगी।

Pramod Gupta
Author: Pramod Gupta

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