सोनभद्र (दुद्धी) कनहर सिंचाई परियोजना डूब क्षेत्र के विस्थापितों का एक प्रतिनिधि मंडल ने जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता(परियोजना) इं० सोरण सिंह से अमवार फील्ड हॉस्टल पर मुलाकात के दौरान अपनी समस्याओं के बाबत एक पत्रक सौंपा। अवगत कराया कि कनहर विस्थापन व पुनर्वासन हेतु 30 अक्टूबर 2014 ई० को एक शासनादेश पुर्ववर्ती सरकार द्वारा बनाया गया था जिसमें विस्थापितों को मूल सूची से तीन पीढ़ी तक विस्थापन पैकेज देने का उल्लेख है। परन्तु चुल्हावाईज शब्द होने के कारण बहुत लोग पैकेज पाने से वचित हो जा रहे हैं। अस्तु पुराने शासनादेश को संशोधन करते हुए उम्र व चुल्हावाईज शब्द व शादी का प्रतिबन्ध हटाकर पुत्री वारिस को भी वारिस बनाकर तीन पीढ़ी में जो भी छुटे हुवे वारिस आतें हैं उन्हें विस्थापन सूची में शामिल करने। शासनादेश 2014 को सुधारकर जन हित में नया शासनादेश जारी किया जाए। सिंचाई मंत्री द्वारा मार्च 2023 में छः बिन्दु के सोशल सर्वे रिपोर्ट को कराने साथ ही विस्थापित कालोनी में एक राजकीय इण्टर कॉलेज का स्थापना कराया जाये।कहर विस्थापितों द्वारा अपनी हक के लड़ाई के लिए एक जन आन्दोलन चलाया गया था जिसने सरकार के द्वारा निर्दोष जनता पर नामजद मुकदमा लाद दिया गया व 500 लोगों पर अज्ञात FIR दर्ज किया गया। सभी विस्थापितों पर लगे मुकदमें को समाप्त/वापस किया जाए सहित अन्य समस्याओं को अवगत कराया। इस दौरान विस्थापित ईश्वर प्रसाद निराला, फ़नेश्वर जायसवाल,गंभीरा प्रसाद,शिवप्रसाद खरवार आदि उपस्थित रहे।
Author: Pramod Gupta
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