सोनभद्र। उत्तर प्रदेश ड्राइवर महासंघ द्वारा ट्रक चालकों की सामाजिक सुरक्षा, कल्याण एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला अधिकारी के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में ट्रक चालकों के साथ हो रही मारपीट एवं लूट की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किए जाने की मांग की गई। महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि ड्राइवर देश के विकास की रीढ़ हैं, इसके बावजूद वे आज भी बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा से वंचित हैं। ज्ञापन के माध्यम से महासंघ ने प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखीं
- ड्राइवरों को शासन के नियमानुसार सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
- ड्राइवरों के लिए सरकारी स्तर पर समुचित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए।
- भविष्य की सुरक्षा के लिए ड्राइवरों को प्रोविडेंट फंड (पीएफ) की सुविधा दी जाए, जिससे उनके बच्चों को उच्च शिक्षा का लाभ मिल सके।
- ड्राइवर बिना रुके, बिना खाए-पिए निरंतर कार्य करते हुए देश की गृहस्थी और अर्थव्यवस्था को संभालते हैं, उनके योगदान को सम्मान दिया जाए।
- कोरोना जैसी महामारी के दौरान ड्राइवरों ने जान जोखिम में डालकर देश की आपूर्ति व्यवस्था को बनाए रखा।
- जनसाधारण द्वारा ड्राइवरों के प्रति होने वाले आक्रोश और हिंसा को रोकने हेतु उनके लिए अलग कानूनी संरक्षण/धारा बनाई जाए।
- वाहनों के लिए सुरक्षित पार्किंग तथा ड्राइवरों के लिए विश्राम गृह एवं शौचालय की समुचित व्यवस्था की जाए।
- 55 वर्ष की आयु के बाद ड्राइवरों के लिए पेंशन योजना लागू की जाए।
- सड़क दुर्घटना में ड्राइवर की मृत्यु होने पर 20 लाख रुपये का बीमा, अपंगता की स्थिति में 10 लाख रुपये तथा इलाज के लिए 5 लाख रुपये की सहायता राशि सुनिश्चित की जाए।
- ड्राइवरों को द्वितीय श्रेणी के सैनिक की मान्यता प्रदान की जाए।
- ड्राइवरों को आवास योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाए।
- ड्राइविंग लाइसेंस के लिए निर्धारित 15,000 रुपये शुल्क को कम किया जाए, ताकि गरीब वर्ग के ड्राइवर भी इसका लाभ उठा सकें।
- प्रत्येक वर्ष 1 सितम्बर को सरकार द्वारा “ड्राइवर दिवस” घोषित किया जाए।
इस अवसर पर महासंघ के उपाध्यक्ष होरा लाल, महामंत्री रामबचन, महामंत्री संतोष यादव, कोषाध्यक्ष रंगीले सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
Author: Pramod Gupta
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