सोनभद्र। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं साइबर पीड़ितों की धनराशि रिकवरी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना शक्तिनगर की साइबर टीम को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने दो अलग-अलग मामलों में साइबर ठगी व गलत ट्रांजेक्शन से गई कुल ₹53,000 की धनराशि पीड़ितों को वापस कराई है। पहले प्रकरण में थाना शक्तिनगर क्षेत्र निवासी संजय कुमार सिंह के व्हाट्सएप नंबर पर साइबर ठगों द्वारा फर्जी क्रेडिट कार्ड से संबंधित APK फाइल भेजी गई, जिसे डाउनलोड करने के बाद उनके खाते से ₹50,000 की ठगी कर ली गई। दूसरे मामले में कोहरौलिया निवासी अविनाथ कुशवाहा द्वारा ट्रांजेक्शन के दौरान गलती से ₹3,000 की राशि गलत नंबर/UPI आईडी पर चली गई।दोनों पीड़ितों ने तत्काल साइबर क्राइम टोल फ्री नंबर 1930 एवं cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होने पर पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पांडेय के पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष कमल नयन दूबे के नेतृत्व में साइबर टीम ने त्वरित कार्रवाई की। टीम द्वारा NCRP पोर्टल के माध्यम से फ्रॉड वॉलेट/मर्चेंट एवं संबंधित खातों में धनराशि को होल्ड कराया गया तथा बैंकों से लगातार पत्राचार कर विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए पीड़ितों के मूल खातों में ₹50,000 एवं ₹3,000 की धनराशि वापस कराई गई। धनराशि वापस मिलने पर दोनों आवेदकों ने थाना शक्तिनगर की साइबर टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा की। धनराशि वापस कराने वाली पुलिस कमल नयन दूबे थानाध्यक्ष थाना शक्तिनगर, रंजीत कुमार साइबर प्रभारी, कांस्टेबल आदित्य यादव साइबर हेल्प डेस्क, कांस्टेबल संजय सरोज साइबर हेल्प डेस्क
साइबर जागरूकता के लिए पुलिस की अपील
- किसी भी कस्टमर केयर नंबर को गूगल से सर्च न करें, केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही लें।
- मोबाइल का GPS, Bluetooth, NFC, Hotspot व WiFi आवश्यकता होने पर ही ऑन रखें।
- पब्लिक WiFi पर ऑनलाइन शॉपिंग या बैंकिंग ट्रांजेक्शन न करें।
- UPI पिन व QR कोड केवल भुगतान के लिए होते हैं, पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं।
- किसी भी अज्ञात लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें।
- साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
Author: Pramod Gupta
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