सोनभद्र। उत्तर प्रदेश सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन नियमों में अहम बदलाव किया है। अब आवासीय और कृषि भूमि के बाद औद्योगिक एवं व्यवसायिक संपत्तियों की भी गिफ्ट डीड मात्र 5,000 रुपये के स्टांप पेपर पर कराई जा सकेगी। यह जानकारी जिले के प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल ने सर्किट हाउस रॉबर्ट्सगंज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि यह निर्णय हाल ही में लखनऊ स्थित लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। प्रभारी मंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 से आवासीय और कृषि भूमि के लिए यह व्यवस्था लागू थी, लेकिन अब इसे व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों पर भी लागू कर दिया गया है। पहले शहरों में 7 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 5 प्रतिशत स्टांप शुल्क लिया जाता था, जिससे लोगों पर आर्थिक बोझ पड़ता था। इसके साथ ही मंत्री ने बताया कि मनरेगा श्रमिकों को अब साल में 125 दिन का रोजगार मिलेगा। मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों की पारदर्शी मॉनिटरिंग के लिए पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में मनरेगा के नाम पर भ्रष्टाचार होता था, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद इस पर प्रभावी रोक लगी है। इस अवसर पर एमएलसी विनीत सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता, सदर विधायक भूपेश चौबे, रालोद जिलाध्यक्ष श्री कांत त्रिपाठी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
Author: Pramod Gupta
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