सोनभद्र। रामलीला मैदान रॉबर्ट्सगंज में बृहस्पतिवार को दो दिवसीय पीएम विश्वकर्मा प्रदर्शनी सह व्यापार मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। 8 व 9 जनवरी तक आयोजित इस मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने फीता काटकर किया। यह मेला सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत एमएसएमई विकास कार्यालय, वाराणसी द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत पंजीकृत पारंपरिक कारीगरों व शिल्पकारों के लिए आयोजित किया गया है।उद्घाटन के पश्चात जिलाधिकारी ने विभिन्न स्टालों का भ्रमण किया और स्थानीय कारीगरों द्वारा निर्मित उत्कृष्ट उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिल्पकारों का सर्वांगीण विकास ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला है। अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना को पारंपरिक हुनरमंदों को मुख्यधारा से जोड़ने वाला क्रांतिकारी कदम बताया। जिलाधिकारी ने कहा कि बढ़ई, लोहार, कुम्हार, मूर्तिकार जैसे शिल्पकार सदियों से हमारी अर्थव्यवस्था की धुरी रहे हैं और आज उन्हें उनका वास्तविक सम्मान मिल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीएम विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि कारीगरों के कौशल को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करना है। इसके तहत प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण सुविधा, उत्पादों की ब्रांडिंग तथा ऑनलाइन/ऑफलाइन बाजार से जोड़ने में सरकार सहयोग कर रही है। साथ ही उन्होंने प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके अंतर्गत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि 9 जनवरी तक चलने वाले इस मेले में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शिल्पकारों के हुनर को देखें और वोकल फॉर लोकल के संकल्प को साकार करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले में आने वाले प्रत्येक इच्छुक कारीगर का पंजीकरण और समुचित मार्गदर्शन सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने लाभार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कारीगरों को उत्पादन के साथ-साथ मार्केटिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान देना चाहिए, जिससे उनके उत्पादों की मांग और बाजार मूल्य में वृद्धि हो सके।कार्यक्रम में एमएसएमई विकास कार्यालय वाराणसी के निदेशक एल.बी.एस. यादव ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के विभिन्न घटकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण सुविधा के साथ तकनीकी एवं विपणन सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है। इस मौके पर रितेश कुमार सिंह (डीजीएम, सिडबी), विनोद चौधरी (उपायुक्त उद्योग, सोनभद्र), रविन्द्र पटेल (प्राचार्य, आईआईटी सोनभद्र), एलडीएम सोनभद्र सालेन सहित जिले के अन्य विभागाध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में कारीगर उपस्थित रहे।
Author: Pramod Gupta
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