सोनभद्र। बीजपुर (विनोद गुप्त) केंद्र और प्रदेश सरकार भले ही ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के जरिए गांवों को चमकाने का दावा कर रही हो लेकिन म्योरपुर ब्लॉक के जरहा न्याय पंचायत में जमीनी हकीकत इसके उलट है। क्षेत्र के अधिकांश गांवों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है जो विभागीय दावों की पोल खोल रहा है।सफाई कर्मियों की लापरवाही और ग्राम प्रधानों की उदासीनता के कारण ग्रामीण अब संक्रामक बीमारियों के साये में जीने को मजबूर हैं। निवासियों का आरोप है कि गांवों में तैनात सफाई कर्मी नियमित रूप से ड्यूटी पर नहीं आते जिसके कारण बीजपुर जरहा पिंडारी बकरिहवा सिरसोती नेमना डोडहर महुली आदि जैसे प्रमुख गांवों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। सड़कों के किनारे फैली गंदगी और बजबजाती नालियां न केवल राहगीरों के लिए मुसीबत बनी हुई हैं बल्कि उनसे आने वाली भीषण दुर्गंध ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है।सर्दियों के मौसम में भी नालियों में जमा गंदा पानी मच्छरों और बैक्टीरिया का केंद्र बना हुआ है।ग्रामीणों का कहना है कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप होने से क्षेत्र में हैजा टाइफाइड और मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर समस्या के बावजूद न तो ग्राम प्रधान सुध ले रहे हैं और न ही संबंधित विभाग के अधिकारी कोई ठोस कदम उठा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि लापरवाह सफाई कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और गांवों में विशेष सफाई अभियान चलाकर जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए। यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो गंदगी से उपजी बीमारियां किसी बड़ी महामारी का रूप ले सकती हैं।









