January 14, 2026 10:30 pm

गांधी प्रतिमा के समक्ष मनरेगा बचाने को लेकर संयुक्त वाम दलों का धरना

सोनभद्र। मनरेगा योजना को बचाने की मांग को लेकर संयुक्त वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) एवं भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया। धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के महानायक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर बनी दुनिया की सबसे बड़ी ऐतिहासिक योजना महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को समाप्त करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा को तत्कालीन यूपीए सरकार ने वाम दलों की पहल पर ग्रामीण व खेत मजदूरों के हित में लागू किया था, जिससे देश के करोड़ों मजदूरों को रोजगार की गारंटी मिली। नेताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा केंद्र सरकार मनरेगा को हटाकर “विकसित भारत- रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)” बिल को लोकसभा में लाकर कानूनी रूप देने की तैयारी कर रही है, जो मनरेगा की हत्या के समान है। उन्होंने बताया कि मनरेगा में जहां 90 प्रतिशत बजट केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत बजट राज्य सरकारों द्वारा दिया जाता था, वहीं नए प्रस्तावित बिल में केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य सरकारों को 40 प्रतिशत बजट वहन करना होगा। ऐसे में कर्ज से जूझ रही राज्य सरकारें इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर पाएंगी, जिससे ग्रामीण मजदूरों की आजीविका पर संकट गहरा जाएगा। धरना-प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने निम्न प्रमुख मांगें उठाईं

  1. विकसित भारत- रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (VB-GRAMG) बिल को खेत एवं ग्रामीण मजदूरों के हित में तत्काल वापस लिया जाए।
  2. मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना को यथावत जारी रखा जाए।
  3. मनरेगा में केंद्र एवं राज्य सरकारों की पुरानी बजट व्यवस्था को बरकरार रखा जाए।
  4. खेत एवं ग्रामीण मजदूरों को वर्ष में 200 दिन का रोजगार एवं 600 रुपये प्रतिदिन न्यूनतम गारंटीशुदा मजदूरी प्रदान की जाए।
  5. 55 वर्ष की आयु पूरी होने पर खेत एवं ग्रामीण मजदूरों को 10,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
  6. खेत एवं ग्रामीण मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित की जाए।
  7. मनरेगा को समाप्त कर लाए जा रहे VB-GRAMG बिल पर रोक लगाई जाए तथा भाजपा सरकार द्वारा ‘हिंदू राष्ट्र’ की ओर बढ़ने की साजिश पर भी अविलंब रोक लगाई जाए।

उपरोक्त मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित मांग पत्र अपर जिलाधिकारी (एडीएम) को सौंपा गया। कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता कामरेड शिव मूर्ति कुशवाहा, कामरेड प्रेम नाथ एवं कामरेड बसावन गुप्ता ने की, जबकि संचालन भाकपा जिला सचिव कामरेड आर.के. शर्मा ने किया। धरना-प्रदर्शन में प्रमुख रूप से कामरेड नंदलाल आर्य, कामरेड सुरेश कोल, कामरेड बच्चालाल, कामरेड देव कुमार विश्वकर्मा, कामरेड बाबूलाल भारती, रूप नारायण, कामरेड नोहर, कामरेड राजबली, कामरेड अमरनाथ बिंद, कामरेड दिनेश रजवाड़ा, पप्पू, चंद्रावती, लखराजी देवी, कमली देवी, महेंद्र सिंह, पूनम देवी, मीना देवी, रामराजी देवी, रीता देवी, श्याम नारायण सिंह, भरत लाल सहित सैकड़ों की संख्या में कम्युनिस्ट कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Pramod Gupta
Author: Pramod Gupta

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