सोनभद्र। म्योरपुर शिक्षा क्षेत्र में बगैर मान्यता संचालित दो दर्जन से अधिक बिद्यालयों को बन्द कराने का सरकारी आदेश निर्देश विद्यालयों को महज नोटिश तामिला तक सीमित रह गया। बताया जाता है कि यह आदेश महज हाथी के दांत के समान था। विभागीय सूत्रों पर भरोसा करें तो प्रत्येक वर्ष शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी और ब्लाक खण्ड शिक्षा अधिकारी कागजी खानापूर्ति के लिए नोटिश भेजते तो हैं लेकिन एक पर भी ताला बंदी या विधिक कार्रवाई आज तक नही हुई। एक सर्वे के अनुसार शक्तिनगर खड़िया परासी अनपरा आरंगपानी बकरिहवा पिण्डारी संचिराडॉड अंबेडकर बस्ती चिल्काडॉड लीलासी म्योरपुर नधिरा काचन सांगोबाध बीजपुर नेमना महुली झिल्ली महुआ किरविल सहित अनेक स्थानों पर नियम विरुद्ध दो दर्जन बिद्यालय में किसी का प्राइमरी तक तो किसी का जूनियर तक मान्यता है लेकिन इंटर और बीए तक की पढ़ाई लिखाई इंग्लिश मीडियम के नाम पर मोटी फीस वसूल कर कराई जा रही है। विभागीय तालमेल के जरिये संचालित ऐसे बिद्यालय पास पड़ोस में खुले परिषदीय बिद्यालयों की कब्र खोदने पर आमादा हैं। तमाम अभिभावकों ने जिलाधिकारी से संज्ञान लेकर फर्जी बिद्यालयों पर कार्रवाई की माँग की है जिससे ग्रामीण बच्चों का भविष्य अंधकार में जाने से बच सके।बीईओ सुनील कुमार ने बताया कि कुछ को बन्द कराया गया है अगर अभी भी ऐसे बिद्यालय संचालित हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
Author: Pramod Gupta
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