सोनभद्र/बीजपुर(विनोद गुप्त)स्वाथ्य विभाग के कुछ अधिकारियों की मिली भगत से क्षेत्र के गाँव गिरांव चट्टी चौराहे पर अबैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड और पैथालॉजी सेंटर की भरमार हो गयी है।बताया जाता है कि डोडहर गेट बीजपुर बाजार चेतवा सेवकाडॉड महुली नेमना चेतवा बकरिहवा बीजपुर बाजार के मोटर गैराज पुनर्वास मोड़ आदि स्थानों पर संचालित एक्सरे तथा पैथालॉजी सेंटर और डायग्नोस्टिक सेंटर के नाम पर अल्ट्रासाउंड रोग परीक्षण केंद चर्चा का विषय बना हुआ है।बताया जाता है कि सेंटर संचालक झोलाछाप डॉक्टरों की सांठ गांठ से खांसी सर्दी वायरल फीवर के मरीजों को अनावश्यक खून जाँच की पर्ची पकड़ाई जाती है और कुछ न कुछ मलेरिया टाइफाइड जैसे बीमारी निकाल कर गरीब किस्म के मरीजों का शोषण जारी है।यहीं नही झोलाछाप भी मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने की पर्ची दे रहे हैं।जब कि जानकारों का कहना है कि भला झोलाछाप डॉक्टर अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट में क्या देखता होगा।कुल मिला कर सेटिंग गेटिंग की बदौलत महज कमीशन के चक्कर मे मरीज ठगे जा रहे हैं।बताया जाता है कि दो मरीजों को गलत जाँच रिपोर्ट के आधार पर एंटीबायटिक इंजेक्शन चढ़ाने से हालत बिगड़ गयी थी बावजूद स्वास्थ्य विभाग अपनी आँखों पर काली पट्टी बांधे है।एक मरीज की शिकायत है कि बीजपुर बैढन और एनटीपीसी के धन्वंतरि हॉस्पिटल में बुखार की जाँच में तीनों की अलग अलग रिपोर्ट आई तो मरीज ख़बड़ा गया और वाराणसी जा कर जाँच और दवा उपचार कराया तब उसकी जान बची।मजेदार बात तो यह है कि अल्ट्रासाउंड केंद्र पर रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर नही हैं बावजूद अप्रशिक्षित लोकल लड़कों से अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट वीडियो कॉल के जरिए मरीज को पकड़ाई जाती हैं।जाँच के नाम पर ठगी के शिकार लोगों ने जिलाधिकारी सोनभद्र से एक टीम बना कर गोपनीय जाँच और कार्रवाई की माँग की है।डिप्टी सीएमओ डॉ०कीर्ति आजाद बिंद ने कहा की वहाँ से कई शिकायतें आयी हैं जल्द कार्रवाई के परिणाम भी सामने आएंगे।









