सोनभद्र। कोन (मुन्ना लाल जायसवाल) नवसृजित विकास खण्ड कोन के ग्राम पंचायत कुड़वा में व्याप्त अनियमितताओं और गंदगी को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होने के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि अक्टूबर माह से वे लगातार सफाई कराने और जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। पूर्व में नाबालिग बच्चों से कार्य कराए जाने के मामले में परिजनों ने उप श्रमायुक्त पिपरी, जिलाधिकारी तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा था, किंतु मामला सरकारी फाइलों में दबकर रह गया। इसी क्रम में पांडुचट्टान क्षेत्र में सफाई व नाबालिग बच्चों से काम कराए जाने के दोषी सफाईकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने एडीओ पंचायत कोन सुनील पाल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। ग्रामीणों का आरोप है कि एडीओ पंचायत द्वारा दोषी सफाईकर्मी का बचाव किया जा रहा है तथा उनके संरक्षण में पंचायतों में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। इससे ग्रामीणों में रोष और गहराता जा रहा है। नाबालिग बच्चों के परिजनों ने एक बार फिर मुख्यमंत्री, श्रमायुक्त श्रम निदेशालय एवं राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग, नई दिल्ली को शिकायती पत्र भेजकर संबंधित अधिकारी और दोषी सफाईकर्मी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन व आमरण अनशन करने को मजबूर होंगे। साथ ही न्याय न मिलने की स्थिति में न्यायालय की शरण ली जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। प्रदर्शन में प्रमुख रूप से समाजसेवी गंगा प्रसाद, अरुण, मदन, महेंद्र, महिपत सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। इस संबंध में एडीपीआरओ राजेश सिंह ने कहा कि “उक्त प्रकरण को दिखवाया जाएगा।”
Author: Pramod Gupta
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