– यूपी उद्योग व्यापार संगठन ने जांच की मांग उठाई
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन की एक आवश्यक बैठक जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा के आवास पर आयोजित की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है, लेकिन कुछ अधिकारी भ्रामक रिपोर्ट प्रस्तुत कर वास्तविक स्थिति को छिपा रहे हैं। जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में लगी डिजिटल एक्स-रे मशीन (डीआर सिस्टम 800 एमए) पिछले दो वर्षों से खराब पड़ी है, जिससे प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों को बाहर से एक्स-रे कराना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य द्वारा जारी पत्रांक मे0का0/सोन0/2025-26/916 दिनांक 19 नवंबर 2025 में यह उल्लेख है कि महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य उत्तर प्रदेश द्वारा नामित एजेंसी साइरेक़्स हेल्थ केयर के माध्यम से मशीन की मरम्मत करा दी गई है। परंतु 12 दिसंबर 2025 में प्रकाशित समाचार के अनुसार मशीन अब भी चालू नहीं है।
लाखों खर्च, फिर भी मशीन बंद
कौशल शर्मा ने सवाल उठाया कि यदि मशीन को जिस कक्ष में रखा गया है वहां सीलन के कारण वह संचालित नहीं हो सकती, तो उसकी मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च क्यों किए गए। जब मशीन को अन्य स्थान पर स्थापित करने का सुझाव दिया गया तो प्राचार्य ने मशीन पुरानी होने का हवाला देते हुए कंपनी के इनकार की बात कही। उन्होंने कहा कि मशीन ठीक होने का पत्र जारी होने के 22 दिन बाद भी मशीन चालू नहीं की गई, जबकि मौके पर मौजूद कर्मचारियों और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय सिंह ने भी मशीन के खराब होने की पुष्टि की है। जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन मरीजों के साथ-साथ शासन को भी गुमराह कर रहा है। संगठन ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि जांच से ही सच्चाई सामने आएगी।बैठक में जिला महामंत्री प्रीतपाल सिंह, नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन, जिला कोषाध्यक्ष शरद जायसवाल, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष राजेश जायसवाल, राजू जायसवाल, टीपू अली, दीप सिंह पटेल, गुरप्रीत सिंह सोखी, विनोद जायसवाल, नगर महामंत्री जसकीरत सिंह, नगर कोषाध्यक्ष सिद्धार्थ सांवरिया, नगर मंत्री अभिषेक गुप्ता, प्रतीक केसरी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
Author: Pramod Gupta
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